बोकारो:
Bokaro News: बारी को-ऑपरेटिव स्थित प्लॉट नंबर 95 के एक मकान में शनिवार देर रात करीब 2:30 बजे जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना तेज था कि मकान के दो कमरे, किचेन, बाथरूम, दरवाजे, खिड़कियां और बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हो गए। घर में रखा सामान भी बर्बाद हो गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, 30 से 40 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि मकान में रहने वाले सभी नौ परिवार सुरक्षित हैं और घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

देर रात धमाके से इलाके में मची अफरा-तफरी
जानकारी के अनुसार, उक्त मकान अनिल कुमार झा का है। बालीडीह में उनका चंद्र शॉप इंडस्ट्रीज नाम से साबुन का कारखाना है। मकान में कुल नौ परिवार रहते हैं। घटना के समय पांच परिवार मकान के निचले हिस्से के कमरों में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिससे मकान के निचले हिस्से को व्यापक नुकसान पहुंचा। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी दहशत में आ गए। मकान की क्षतिग्रस्त स्थिति से विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

दो कमरे, किचेन और बाथरूम क्षतिग्रस्त
विस्फोट के कारण मकान के दो कमरे, किचेन और बाथरूम को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा दरवाजे और खिड़कियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि बाउंड्री वॉल पर भी विस्फोट का असर पड़ा है। घर के अंदर रखा सामान बुरी तरह बर्बाद हो गया। धमाके के बाद मकान के कई हिस्सों की स्थिति खराब हो गई। हालांकि, घटना के समय घर में मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई, जिससे परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली।
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30 से 40 लाख रुपये के नुकसान की आशंका
मकान के सदस्य बबलू झा ने बताया कि धमाके से घर के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके साथ ही घर में रखा काफी सामान भी बर्बाद हुआ है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक, करीब 30 से 40 लाख रुपये तक का नुकसान हो सकता है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन मकान का विस्तृत निरीक्षण करने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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PNG Gas पाइपलाइन में रिसाव की आशंका, जांच के बाद स्पष्ट होगी वजह
घटना के बाद इंडियन ऑयल की पीएनजी गैस पाइपलाइन में रिसाव को विस्फोट का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अब तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि धमाका गैस रिसाव के कारण ही हुआ। गैस सेवा से जुड़े लोगों के अनुसार, पीएनजी गैस का दबाव अपेक्षाकृत कम होता है। ऐसे में धमाके की तीव्रता को देखते हुए घटना के वास्तविक कारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि विस्फोट गैस रिसाव के कारण हुआ या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। घटना की वास्तविक वजह का पता तकनीकी जांच और संबंधित अधिकारियों की पड़ताल के बाद ही चल सकेगा।