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हजारीबाग में बॉडीगार्ड निरंजन महतो की संदिग्ध मौत पर सियासत तेज, योगेंद्र साव ने उठाए सवाल

हजारीबाग में बॉडीगार्ड निरंजन महतो की संदिग्ध मौत पर सियासत तेज, योगेंद्र साव ने उठाए सवाल

हजारीबाग: 
Hazaribagh News:
हजारीबाग झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के हजारीबाग जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया (Sanjeev Bediya) के अंगरक्षक निरंजन महतो (Bodyguard Niranjan Mahto) की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई मौत का मामला अब राजनीतिक (Political) तूल पकड़ता दिख रहा है। झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव (Former Minister Yogendra Sao) ने इस मामले में सीधे तौर पर संजीव बेदिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अंगरक्षक की तैनाती से लेकर मौत की परिस्थितियों और कथित अवैध कारोबार तक को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

योगेंद्र साव ने सुरक्षा व्यवस्था में भेदभाव पर उठाए सवाल
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने सवाल उठाया कि आखिर एक पार्टी के जिलाध्यक्ष को सरकारी बॉडीगार्ड क्यों मुहैया कराया गया है, जबकि पूर्व मंत्रियों को भी सुरक्षा के नाम पर महज एक बॉडीगार्ड दिया गया है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में इस कथित अंतर पर सवाल खड़े करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग का मुद्दा उठाया। निरंजन महतो की मौत को लेकर योगेंद्र साव ने गोली लगने की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या का प्रयास करता है, तो एक गोली से ही उसकी मौत हो सकती है। ऐसे में छह-सात गोलियां लगने की बात सामने आने पर यह सवाल उठता है कि कोई व्यक्ति खुद पर इतनी गोलियां कैसे चला सकता है। हालांकि, मौत के कारण और गोली लगने की वास्तविक परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अवैध कोयला खनन और बालू कारोबार से जुड़े होने का आरोप
पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने इस पूरे प्रकरण को कथित अवैध कोयला खनन, कोयले के कारोबार और बालू से जुड़े खेल से जोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि अंगरक्षक को इन गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां हो सकती थीं और इसी कारण उसे हटाए जाने की बात की जांच होनी चाहिए। ये आरोप फिलहाल योगेंद्र साव के बयान पर आधारित हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

निरंजन महतो की मौत पर सस्पेंस, हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच
गौरतलब है कि बड़कागांव थाना क्षेत्र के उरीमारी स्थित एक बंद घर से गुरुवार सुबह निरंजन महतो का गोली लगा शव बरामद किया गया था। निरंजन महतो हजारीबाग पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत थे और JMM जिलाध्यक्ष संजीव बेदिया के अंगरक्षक के रूप में तैनात थे। बड़कागांव एसडीपीओ अमित आनंद के मुताबिक, पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम से जांच कराए जाने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जानी है। अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि निरंजन महतो की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई अन्य वजह है? पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के आरोपों के बीच पुलिस जांच की निष्पक्षता और तथ्यों के सामने आने पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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