गिरिडीह/ पाकुड़
झारखंड में करीब एक दशक के लंबे इंतजार के बाद रविवार, 1 नवंबर को झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट-2026) का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा को लेकर राज्यभर के अभ्यर्थियों में उत्साह का माहौल है। गिरिडीह और पाकुड़ जिले में भी हजारों अभ्यर्थी अपनी तैयारी और मेहनत का इम्तिहान दे रहे हैं। गिरिडीह जिले के 46 परीक्षा केंद्रों पर कुल 32,043 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं, जबकि पाकुड़ जिले में 30 केंद्रों पर 16,336 अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की गई है। राज्यभर में परीक्षा के लिए कुल 986 केंद्र बनाए गए हैं। लंबे अंतराल के बाद परीक्षा आयोजित होने से अभ्यर्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं, परीक्षा की शुचिता बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा एवं निगरानी के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

दो पालियों में हो रही परीक्षा
जेटेट की परीक्षा दोनों जिलों में दो पालियों में आयोजित की जा रही है। पहली पाली में कक्षा 6 से 8 तक के लिए सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक परीक्षा निर्धारित है। वहीं, दूसरी पाली में कक्षा 1 से 5 तक के लिए दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक परीक्षा ली जा रही है। गिरिडीह में पहली पाली के लिए अभ्यर्थियों को सुबह 7:30 बजे से प्रवेश दिया गया। सुबह 9 बजे मुख्य प्रवेश द्वार बंद करने का समय निर्धारित किया गया था। दूसरी पाली के अभ्यर्थियों को दोपहर 12:30 बजे से प्रवेश दिया जाएगा और दोपहर 1:30 बजे मुख्य गेट बंद कर दिया जाएगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

गिरिडीह में 46 केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
गिरिडीह जिले में परीक्षा को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए सभी 46 केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके अलावा स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, ट्रैफिक व्यवस्था और अग्निशमन की भी समुचित तैयारी की गई है। परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा लागू की गई है, ताकि परीक्षा के दौरान अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। वहीं, पेपर लीक, फर्जी प्रश्नपत्र और परीक्षा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के लिए साइबर सेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार नजर रख रहा है।

पाकुड़ में 30 केंद्रों पर प्रशासन अलर्ट
पाकुड़ जिले में जेटेट परीक्षा के लिए कुल 30 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 16,336 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। नकल रोकने के लिए अभ्यर्थियों की कड़ी जांच की जा रही है। पाकुड़ में 12 हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर तैनात किए गए हैं। एसपी अनुदीप सिंह ने शनिवार को ही पुलिसकर्मियों को सुबह 6 बजे तक परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने और सोशल मीडिया पर नजर रखने का निर्देश दिया था। उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने भी विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया था। पाकुड़ के प्रमुख परीक्षा केंद्रों में के.के.एम. कॉलेज, पाकुड़ पॉलीटेक्निक कॉलेज, डिस्ट्रिक्ट सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, हरिणडंगा उच्च विद्यालय और रानी ज्योतिर्मयी बालिका उच्च विद्यालय शामिल हैं।
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इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स ले जाने पर प्रतिबंध
परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा केंद्र के अंदर ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। गिरिडीह में अभ्यर्थियों को केवल एडमिट कार्ड का स्पष्ट प्रिंटआउट, मूल फोटो पहचान पत्र और पारदर्शी बॉलपॉइंट पेन ले जाने की अनुमति है। मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, पर्स, पाउच और किसी भी प्रकार के नोट्स ले जाने पर प्रतिबंध है। परीक्षा ओएमआर शीट के माध्यम से ली जा रही है। अभ्यर्थियों को भाषा, विषय और श्रेणी से संबंधित प्रविष्टियां सावधानीपूर्वक भरने का निर्देश दिया गया है। ओएमआर शीट में किसी भी प्रकार की त्रुटि या छेड़छाड़ होने पर उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।'
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दिव्यांग अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय की सुविधा
गिरिडीह में परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों, विशेषकर दृष्टिबाधित, सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित और दोनों हाथों से अक्षम अभ्यर्थियों को नियमानुसार 30 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यकतानुसार श्रुतिलेखक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों को निष्पक्ष परीक्षा की उम्मीद
पाकुड़ में द फॉलोअप की टीम ने परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों और उनके साथ आए अभिभावकों से बातचीत की। अभ्यर्थियों का कहना है कि काफी वर्षों बाद जेटेट परीक्षा आयोजित हो रही है। ऐसे में यह उनके लिए एक बड़ा अवसर है। वहीं, इस वर्ष झारखंड में विभिन्न परीक्षाओं में धांधली के आरोपों को लेकर राज्य की देशभर में हुई बदनामी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से शनिवार को जारी पत्र में शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त परीक्षा की अपील का भी असर देखने को मिला। अभिभावकों ने कहा कि सरकार और प्रशासन की ओर से इस बार की गई सख्ती से उम्मीद है कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय होगा। करीब दस वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आयोजित हो रही जेटेट परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। गिरिडीह और पाकुड़ समेत पूरे राज्य में प्रशासन की कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा का संचालन किया जा रहा है।