पलामू:
Plamu News: पलामू के मेदिनीनगर स्थित मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (MMCH) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया। घटना की जांच के लिए एक टीम भी गठित की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर नवजात का शव अस्पताल परिसर में कहां से आया? क्या अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही हुई है या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है? इन तमाम सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

अस्पताल परिसर में मचा हड़कंप
मंगलवार की सुबह करीब 10 बजे MMCH परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आवारा कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर घूमता दिखाई दिया। अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे एक युवक ने इस दृश्य को देखा। इसके बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस चौकी को इसकी सूचना दी गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल परिसर की व्यवस्था और नवजात के शव की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे।
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DC-SP ने किया निरीक्षण, जांच टीम गठित
घटना के बाद पलामू के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया। मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच टीम गठित की गई है। जांच के दौरान यह पता लगाना जरूरी होगा कि नवजात का शव कहां से आया, उसकी पहचान क्या है और किन परिस्थितियों में वह अस्पताल परिसर तक पहुंचा। इस मामले में अस्पताल के संबंधित रिकॉर्ड, प्रसव वार्ड की जानकारी और शव के निस्तारण से जुड़ी निर्धारित प्रक्रिया की पड़ताल अहम हो सकती है।
निजी क्लीनिकों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
MMCH के आसपास संचालित निजी क्लीनिकों और जांच केंद्रों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी निजी क्लीनिक का इस घटना से संबंध प्रमाणित नहीं हुआ है। ऐसे में जरूरी है कि जांच टीम तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल करे।
अस्पताल की व्यवस्था पर उठे सवाल
आखिर अस्पताल परिसर में एक आवारा कुत्ता नवजात का शव लेकर कैसे घूमता रहा? क्या परिसर में निगरानी की समुचित व्यवस्था है? नवजात के शव की पहचान और सुरक्षित निस्तारण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं? यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होगा? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अब जांच रिपोर्ट से मिलने की उम्मीद है।
जांच के नतीजों पर टिकी नजरें
फिलहाल इस मामले में जांच सबसे अहम है। DC-SP के निरीक्षण और जांच टीम के गठन के बाद अब लोगों की नजर जांच के नतीजों पर टिकी है। जरूरी है कि नवजात के शव की पहचान की जाए, घटना की वास्तविक वजह सामने लाई जाए और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई हो। MMCH जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है।