द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में हुई मासूम की हत्या और कथित ‘नरबलि’ मामले पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इस घटना के लिए केवल आरोपी को नहीं, बल्कि ध्वस्त हो चुकी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को भी जिम्मेदार ठहराया है। AAP नेताओं ने कहा कि आज़ादी के 79 साल बाद भी अगर समाज में तंत्र-मंत्र और नरबलि जैसी कुरीतियाँ जीवित हैं, तो यह हमारी व्यवस्था की विफलता है। नेताओं ने कहा, “अंग्रेज हमें सपेरों का देश कहकर चिढ़ाते थे। आज जब हम ‘विश्व गुरु’ बनने का दावा करते हैं, तब ऐसी घटनाएँ वैश्विक स्तर पर देश की छवि को धूमिल करती हैं। क्या ऐसी खबरों के साथ हम विश्व गुरु बनेंगे?” पार्टी ने यह भी कहा कि सरकारी स्कूलों की स्थिति ‘ईरान में मिसाइल हमले’ जैसी जर्जर हो चुकी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव की बात करे तो स्कूलों में केवल चारदीवारी बची है; न शिक्षक हैं, न किताबें और न ही सही प्रबंधन। राजनीतिक विफलता में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे केवल विज्ञापनों और तस्वीरों तक सीमित हैं। यदि विज्ञापनों पर खर्च होने वाला पैसा शिक्षकों की बहाली और स्कूल सुधार में लगाया जाता, तो आज समाज इतना जागरूक होता कि ऐसी घटनाएँ न घटतीं। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दर्शाते हुए वक्ताओं ने कहा कि यदि महिला को उचित मानसिक स्वास्थ्य उपचार और वित्तीय सहायता मिली होती, तो शायद वह इस अपराध की ओर कदम न बढ़ाती। उक्त बातें आप के वरिसठ नेता प्रभात शर्मा,राजेश लिंडा,अमित कुमार ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कही।
प्रमुख मांग: अंधविश्वास एवं नरबलि निषेध अधिनियम
आम आदमी पार्टी ने झारखंड सरकार से मांग की है कि राज्य में अविलंब झारखंड अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र एवं मानव बलि निषेध अधिनियम लागू किया जाए।
इस प्रस्तावित कानून के लिए पार्टी ने निम्नलिखित बिंदु रखा जाए जैसे की कठोर दंड: ऐसे अपराधों को ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ श्रेणी में रखा जाए और मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान हो।
गैर-जमानती धाराएं: इस कानून के तहत दर्ज मामले पूरी तरह गैर-जमानती हों।
जागरूकता अभियान: प्रत्येक माह आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और पंचायतों में ‘अंधविश्वास उन्मूलन दिवस’ मनाया जाए तथा प्रभात फेरी निकालकर लोगों को जागरूक किया जाए।
पाठ्यक्रम में शामिल: कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों को जादू-टोना और अंधविश्वास के खिलाफ विशेष अध्याय पढ़ाया जाए।
भाजपा और जेएमएम के बीच चल रही आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति पर AAP ने दुख जताया। नेताओं ने कहा कि जब तक आरोपी की पहचान नहीं हुई थी, तब तक एक दल राजनीति कर रहा था और गिरफ्तारी के बाद दूसरा दल उसे राजनीतिक रंग दे रहा है। पार्टी ने स्पष्ट किया, “हम सरकार को भी कोस रहे हैं और खुद को भी दोषी मानते हैं। समाज के रूप में हम शिक्षा और स्वास्थ्य को राजनीतिक मुद्दा बनाने में विफल रहे हैं। जब तक जाति-धर्म के बजाय बुनियादी जरूरतों पर वोट नहीं मांगे जाएंगे, तब तक समाज में ऐसी कुरीतियाँ पनपती रहेंगी।