रांची
सिविल कोर्ट परिसर, रांची में आज “पलाश आजीविका कैफे” का उद्घाटन माननीय न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद, न्यायाधीश, झारखंड उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष, झालसा के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त रांची, मंजूनाथ भजन्त्री भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कैफे का उद्घाटन करते हुए उपस्थित दीदियों को बधाई एवं शुभकामना दीं तथा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। यह कैफे नगड़ी प्रखंड की सरोजनी महिला स्वयं सहायता समूह एवं शांति महिला स्वयं सहायता समूह की दीदियों द्वारा संचालित किया जाएगा। कैफे में नियमित खाद्य सामग्री के साथ-साथ पारंपरिक व्यंजन भी उपलब्ध होंगे, जिनमें चावल-मड़ुआ का चिल्का रोटी, डुम्बू, धुस्का आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह पहल स्थानीय पारंपरिक खानपान को बढ़ावा देने के साथ-साथ महिलाओं को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।

वकीलों, मुवक्किलों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को मिलेगी सुविधा
पलाश आजीविका कैफे न्यायालय परिसर में काम करने वाले वकीलों, मुवक्किलों, कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को एक ही छत के नीचे अच्छी गुणवत्ता वाले भोजन और पेय पदार्थ उपलब्ध कराने की दिशा में एक सराहनीय कदम है ऐसे कैफे न केवल सुविधा प्रदान करेंगे, बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी सृजित करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं को लाभ मिलेगा। भजन्त्री ने इस परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों तथा संचालकों को बधाई दी और भविष्य में भी ऐसी उपयोगी पहलों को प्रोत्साहन देने का आश्वासन दिया। “तीसरा पलाश आजीविका कैफे” अब रांची कचहरी परिसर में अपने तीसरे चरण में शुरू हो गया है, जो पहले से चल रहे दो कैफों की सफलता के बाद शुरू किया गया है। यह कैफे सुबह से शाम तक उच्च गुणवत्ता वाले नाश्ता, भोजन, चाय-कॉफी और अन्य पेय उपलब्ध कराएगा।
मौके पर ये लोग थे मौजूद
कार्यक्रम में सदस्य सचिव झालसा, कुमारी रंजना स्थाना, न्यायिक आयुक्त, अनिल कुमार मिश्रा, वरीय पुलिस अधीक्षक रांची, राकेश रंजन, सचिव रांची डालसा, राकेश रौशन, अध्यक्ष रांची जिला बार संगठन, शम्भू प्रसाद अग्रवाल, महासचिव रांची जिला बार संगठन, संजय कुमार विद्रोही एवं अन्य उपस्थित थे।
