रांची
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र देओल अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन झारखंड से जुड़ी उनकी यादें आज भी लोगों को रोमांचित करती हैं। यहां उनकी कई फिल्मों की शूटिंग हुई थी—जिनमें ‘सत्यकाम’ और ‘मोहब्बत जिंदगी है’ प्रमुख हैं। 1966 में धर्मेंद्र ‘मोहब्बत जिंदगी है’ की शूटिंग के लिए धनबाद पहुंचे थे। तोपचांची झील में किए गए उनके स्टंट और आसपास के जंगलों में फिल्माए गए गीत ‘तुम्हारी मुलाकात से’ को लोग आज भी याद करते हैं। फिल्म का कुछ हिस्सा झरिया कोल माइंस में भी शूट हुआ था, जिसकी जानकारी सीधे फिल्म में दिखाई गई है।

घाटशिला में ‘सत्यकाम’ की शूटिंग और लोगों की यादें
तीन साल बाद, 1969 में धर्मेंद्र फिर झारखंड आए और इस बार घाटशिला में ‘सत्यकाम’ की शूटिंग की। प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर घाटशिला पहले से ही साहित्यकार विभूति भूषण बंद्योपाध्याय और फिल्मकार ऋत्विक घटक की वजह से चर्चित रहा था।
घाटशिला निवासी खड़ग सिंह बताते हैं कि फरवरी–मार्च 1969 के बीच फुलडुंगरी हिल, रातमोहना और सुवर्णरेखा नदी किनारे फिल्म की शूटिंग हुई। उस दौरान वे माऊभंदर के आईसीसी स्कूल में छठी में पढ़ते थे।
मुकुल चक्रवर्ती, जो निर्देशक हृषिकेश मुखर्जी के रिश्तेदार थे, उन्होंने स्थानीय स्तर पर शूटिंग की पूरी व्यवस्था संभाली। कलाकारों में धर्मेंद्र, शर्मिला टैगोर, डेविड, मनमोहन और रोबी घोष शामिल थे। मुकुल बाबू की जीप भी कई दृश्यों में इस्तेमाल हुई। खड़ग सिंह बताते हैं—“हम रोज़ स्कूल के बाद शूटिंग देखने चले जाते थे।”
फिल्म देखते समय फुलडुंगरी की पहाड़ियां, सुवर्णरेखा की चमकती लहरें और घाटशिला का खूबसूरत कस्बा साफ दिखाई देता है। एक दृश्य में शर्मिला टैगोर लोटे से धर्मेंद्र को पानी पिलाती हैं और पीछे पहाड़ी का अनोखा नज़ारा खुल जाता है। धोती–कुर्ता पहने धर्मेंद्र नदी किनारे चट्टानों पर खड़े, शर्मिला की ओर बढ़ते हुए नज़र आते हैं—घाटशिला की नैसर्गिक सुंदरता को हृषिकेश मुखर्जी ने पर्दे पर बखूबी उतारा।

धर्मेंद्र को याद करते हुए स्थानीय कलाकार
गायिका मोनिका मुंडू धर्मेंद्र के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहती हैं, “उनकी फिल्म लगती थी तो मेरे बाबा हम सबको लेकर सिनेमाघर जरूर जाते थे। ‘शोले’ में उनका डायलॉग ‘बसंती…’ आज भी बच्चों की जुबान पर है। ‘मेरे दिल में आज क्या है’ जैसे गाने और उनकी सुपरहिट फिल्में आने वाली पीढ़ियों के लिए यादगार रहेंगी। उनकी सरलता और विनम्रता हमेशा लोगों के दिल में बसती रहेगी।”
