द फॉलोअप डेस्क:
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) की कार पर फायरिंग (Car Firing) के मामले में पुलिस ने चार और लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की कार्रवाई में कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को पकड़ा गया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से, जबकि राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (New Delhi Railway Station) से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का आरोप है कि चारों ने हमले में इस्तेमाल किए गए हथियारों की व्यवस्था करने और उन्हें मुंबई पहुंचाने में मदद की। इससे पहले इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब जांच एजेंसियां सभी आरोपियों के बीच संपर्क और उनकी कथित भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

शो-रूम में काम करती थीं राधा और बबीता
जांच के अनुसार, उत्तर प्रदेश की रहने वाली राधा और बबीता हरियाणा के सोनीपत में एक शो-रूम में काम करती थीं। पुलिस का आरोप है कि कुणाल ने राधा को हथियार मुंबई ले जाने के लिए तैयार किया और इस काम में बबीता को भी शामिल किया। इसके बदले दोनों को 12-12 हजार रुपये देने का वादा किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, कुणाल अमृतसर से एक पिस्तौल और 20 कारतूस लेकर आया था। इसके बाद 15 अक्टूबर को दोनों महिलाएं ट्रेन से मुंबई रवाना हुईं। 17 अक्टूबर को दादर स्टेशन पहुंचने के बाद वे एक होटल में ठहरीं। आरोप है कि उसी दिन एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से हथियारों वाला बैग लेकर चला गया। पुलिस अब इस कथित हथियार आपूर्ति नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाने में जुटी है।

18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर की शाम टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना हुई थी। अभिनेता इस घटना में सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घायल व्यक्ति की पहचान उमेश कुमार चौहान के रूप में बताई गई, जो कथित तौर पर अभिनेता का वीडियो बना रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार किया। इसके बाद हथियार पहुंचाने के आरोप में चार अन्य लोगों को पकड़ा गया। इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में रहने वाले अनिल पंडित का नाम भी जांच में सामने आया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियारों की व्यवस्था किसने की, फायरिंग की योजना किसने बनाई और पूरे घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका रही। फिलहाल, सभी आरोपों की जांच जारी है।