मांझी/बिहार
बिहार का एक युवक जो 20 साल पहले अपने परिवार से बिछड़ गया था, अब सोशल मीडिया की मदद से अपने परिवार से मिल पाया है। बताया जा रहा है कि जब युवक लापता हुआ था, तब वह 7 साल का था। अब उसकी उम्र 27 साल हो गई है। युवक मांझी नगर पंचायत के दक्षिण टोला निवासी मुंद्रिका यादव का तीसरा बेटा है। जानकारी के मुताबिक, युवक 7 साल की उम्र में अचानक लापता हो गया था। परिवार ने उसे ढूंढने की हर संभव कोशिश की, लेकिन दो दशकों तक उसकी कोई सुराग नहीं मिली। लेकिन समय बीतने के साथ परिवार की उम्मीदें लगभग धीरे-धीरे धुंधली पड़ने लगी तो सोशल मीडिया के जरिए वो अपने परिवार तक पहुंच पाया।

सालों पहले दिल्ली में भटक रहा था युवक
दरअसल सालों पहले दिल्ली में युवक लावारिस हालत में भटक रहा था। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मऊ के मूल निवासी और मुंबई में रहने वाले उद्योगपति द्रुपचंद परमेश्वर साहनी ने युवक को अपने साथ ले गए। उन्होंने न सिर्फ युवक को सहारा दिया, बल्कि अपनी फैक्ट्री में काम देकर उसे नई जिंदगी दी। धीरे-धीरे युवक सामान्य जीवन में लौट आया। वर्ष 2023 में साहनी ने उसकी शादी अपनी बहन से कर दी। वर्तमान में उसकी एक बेटी भी है। समय के साथ युवक को अपने बचपन की कुछ धुंधली यादें आने लगीं। मांझी का रेलवे पुल और गांव के मंदिर में कथावाचक बिनोद पाठक की कथा। इन यादों के सहारे द्रुपचंद साहनी ने युवक के अतीत को खोजने की ठानी। इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने मांझी क्षेत्र की पहचान की और फेसबुक के माध्यम से ‘उत्सव पैलेस’ मैरेज हॉल के संचालक बिबेक कुमार सिंह तक पहुंचे।

सोशल मीडिया की ताकत
स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद आखिरकार युवक के असली परिवार तक खबर पहुंच गई। जब परिवार ने वीडियो कॉल के जरिए अपने बेटे को देखा, तो भावनाएं छलक पड़ीं। पिता मुंद्रिका यादव की आंखों से आंसू बह निकले, वहीं बेटे की आंखें भी नम हो गईं। शब्द कम पड़ गए, लेकिन भावनाएं सब कुछ कह गईं। हालांकि युवक ने अपने पिता से वादा किया है कि वह 2 मई को अपनी पत्नी और बेटी के साथ घर आएगा। इस खबर से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। लोग मुंद्रिका यादव के घर पहुंचकर बधाई दे रहे हैं। गांव के बुजुर्ग इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं, तो वहीं युवा इसे सोशल मीडिया की ताकत बता रहे हैं।