द फॉलोअप डेस्क
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आगामी विधानसभा चुनाव के उम्मीदवारों के चयन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी में उम्मीदवारों का चयन पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा किए गए मूल्यांकन पर आधारित होगा। किसी एक नेता या समूह द्वारा नहीं। यह पहल भारतीय राजनीति में एक नया कदम होगा, जहां उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से जनसहभागिता और पार्टी के भीतर से उठे विचारों के आधार पर किया जाएगा।पीके ने दिया अन्य पार्टियों का उदाहरण
वहीं, प्रशांत किशोर ने अन्य प्रमुख पार्टियों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा में उम्मीदवारों के चयन का अधिकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पास है। साथ ही राजद में यह फैसला लालू प्रसाद यादव लेते हैं और जदयू में नीतीश कुमार। इन दलों में शीर्ष नेतृत्व ही उम्मीदवारों का चयन करता है, जबकि कार्यकर्ता और युवा सिर्फ पार्टी का झंडा लेकर चलते हैं।
कार्यकर्ता करेंगे उम्मीदवारों का चयन
उन्होंने जन सुराज की विशेषता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी में यह प्रक्रिया पूरी तरह से विपरीत होगी। यहां पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को यह अधिकार होगा कि वे पार्टी के उम्मीदवारों का मूल्यांकन करें और तय करें कि कौन चुनाव लड़ेगा। यह कदम एक नया दृष्टिकोण पेश करता है, जिसमें आम कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी पार्टी के फैसलों का हिस्सा बनेंगे।