द फॉलोअप डेस्क:
आप वाटरफॉल जाना चाहते हैं तो अपने नजदीकी रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाइए। नहीं, आपको ट्रेन नहीं पकड़ना है। केवल प्लेटफॉर्म पर खड़ा होना है, वाटरफॉल खुद चलकर आप तक पहुंचेगा। नहीं यकीन तो बिहार के कटिहार में रेलवे स्टेशन का यह वीडियो देखिए। पूरे प्लेटफॉर्म पर दर्जनों झरने बह रहे हैं। पूरा प्लेटफॉर्म वाटरफॉल में तब्दील हो चुका है। ओह, लेकिन लगता है कि लोगों को स्टेशन पर वाटरफॉल की सुविधा पसंद नहीं आई। लोग परिवार लेकर सामान सहित इधर-उधर भागते नजर आए। हर कोई इस वाटरफॉल से बचने के लिए मुफीद जगह ढूंढ़ता नजर आया। भोले लोग हैं ना। सरकार का विकास समझ नहीं पा रहे हैं।
तेज बारिश के बाद रेलवे स्टेशन की शेड से पानी गिरने लगा और वहां खड़े यात्री भागते दिखे
— Romita Tiwari (@romita_tiwari) May 24, 2026
????कटिहार, बिहार pic.twitter.com/LOPdgw62U0
मानसून सीजन में दिखता है स्टेशन का वाटरफॉल
इस वाटरफॉल में कोई निवेश नहीं लगता है। एकदम फ्री है। हां लेकिन, सुविधा सीजनल है। केवल मानसून में ही स्टेशन पर वॉटरफॉल का मजा मिलेगा। वीडियो को दोबारा ध्यान से देखिए। प्लेटफॉर्म के ऊपर लगे शेड का प्रत्येक कोना वाटरफॉल में तब्दील हो चुका है। स्टेशन पर झमाझम पानी गिर रहा है। अब कुछ लोग कहेंगे कि शेड से बारिश का पानी रिसने लगा। काम में क्वालिटी नहीं बरती गई है। यह करप्शन है। ऐसा कहने वाले विकास विरोधी लोग हैं। है ना सरकार!

पुणे में मेट्रो की छत से रिसा बारिश का पानी
पिछले दिनों पुणे मेट्रो से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आई थी, जहां कोच के भीतर छत से पानी टपक रहा था। पूरा फर्श गीला हो गया था। यूजर्स ने आरोप लगाया कि मेट्रो की छत से बारिश का पानी रिसने लगा था। हालांकि, पुणे मेट्रो प्रबंधन ने दावा किया कि वह एसी से निकला हुआ पानी था जो संभवत अत्यधिक तापमान की वजह से खराब हो गया था।