द फॉलोअप डेस्क
बिहार के PMCH से लापरवाही का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां इलाज के दौरान 3 साल की एक बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर एनेस्थीसिया का ओवरडोज देने का आरोप लगाया है। और अस्पताल के प्रशासन से न्याय की मांग की है। मृतक बच्ची की पहचान 3 वर्षीय अवंतिका राय के रूप में की गई है, जो कि गोपालगंज के कटिया गांव पुरानी बाजार निवासी शैलेश राय की पुत्री थी।
बताया जा रहा है कि बच्ची का बांया पैर खेलते समय फ्रैक्चर हो गया था। और बच्ची के नाना के कहने पर इलाज के लिए पीएमसीएच लाया गया था और 27 नवंबर को शाम 5 बजे पीएमसीएच की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। .jpeg)
हालांकि ऑपरेशन करने वाले डॉ। महेश प्रसाद ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। बच्ची का अस्पताल में एक्स-रे किया गया। और फिर 4 दिसंबर को हड्डी रोग विभाग में ऑपरेशन होना था। जिस पर परिजनों का आरोप है कि इस दौरान ऑपरेशन से ठीक पहले बच्ची को एनेस्थीसिया की 'डबल डोज' दी गई।
डोज देने के बाद वह होश में नहीं आई। जिसके बाद गंभीर हालत में उसे तुरंत टाटा वार्ड में शिफ्ट किया गया। लेकिन स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला और 6 दिसंबर को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद अवंतिका के नाना और हाइकोर्ट के वकील राम संदेश रॉय का गुस्सा फूट पड़ा और सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए एक लम्बा चौड़ा पोस्ट लिख दिया। .jpg)
परिजनों के अनुसार, डॉ। महेश प्रसाद की निगरानी में जूनियर डॉक्टर राहुल और अन्य डॉक्टरों की टीम बच्ची का ऑपरेशन कर रही थी। घटना के बाद परिजन सदमे में हैं। और लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।