द फॉलोअप डेस्क
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने आज अपने फेसबुक अकाउंट पर दो लगातार भावुक पोस्ट साझा कर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। रोहिणी की पोस्टों में खुद से जुड़े आरोपों, पिता के लिए किडनी दान पर उठाए जा रहे सवालों और हाल ही में उनसे हुए अभद्र व्यवहार का ज़िक्र किया गया है। 
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा "कल एक बेटी, एक बहन , एक शादीशुदा महिला , एक माँ को जलील किया गया , गंदी गालियाँ दी गयीं , मारने के लिए चप्पल उठाया गया , मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया, सच का समर्पण नहीं किया , सिर्फ और सिर्फ इस वजह से मुझे बेइज्जती झेलनी पडी"। 
वहीं दूसरे पोस्ट में रोहिणी ने भावुक होते हुए लिखा "कल मुझे गालियों के साथ बोला गया कि मैं गंदी हूँ और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी , करोड़ों रूपए लिए , टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी .. सभी बेटी - बहन , जो शादीशुदा हैं उनको मैं बोलूंगी कि जब आपके मायके में कोई बेटा - भाई हो , तो भूल कर भी अपने भगवान रूपी पिता को नहीं बचाएं , अपने भाई , उस घर के बेटे को ही बोले कि वो अपनी या अपने किसी हरियाणवी दोस्त की किडनी लगवा दे " .. सभी बहन - बेटियां अपना घर - परिवार देखें, अपने माता - पिता की परवाह किए बिना अपने बच्चे , अपना काम, अपना ससुराल देखें , सिर्फ अपने बारे में सोचें .. मुझसे तो ये बड़ा गुनाह हो गया कि मैंने अपना परिवार, अपने तीनो बच्चों को नहीं देखा , किडनी देते वक्त न अपने पति, न अपने ससुराल से अनुमति ली .. अपने भगवान, अपने पिता को बचाने के लिए वो कर दिया जिसे आज गंदा बता दिया गया .. आप सब मेरे जैसी गलती , कभी , ना करे किसी घर रोहिणी जैसी बेटी ना हो।".jpg)
इसके एक दिन पहले ही रोहिणी आचार्य ने जानकारी दी थी कि वह अपने पिता का घर छोड़ चुकी हैं। इसके बाद से ही लालू परिवार में जो कलह थी वही पूरी तरह से सामने आ गई। बीते दिन रोहिणी ने घर और राजनीति छोड़ने की जानकारी साझा की थी जिसमें उन्होंने लिखा था कि "मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था... और मैं सारा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।".jpeg)
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA ने 243 में से 202 सीटें जीत लीं, जबकि महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। इस परिणाम के बाद संजय यादव निशाने पर आ गए। इससे पहले भी लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की थी। सारण से लोकसभा चुनाव लड़ चुकीं रोहिणी ने 18 सितंबर को एक फेसबुक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने संजय यादव के खिलाफ टिप्पणी की। इस पोस्ट में एक तस्वीर भी थी, जो तेजस्वी यादव की बिहार अधिकार यात्रा के दौरान की थी। तस्वीर में बस में तेजस्वी यादव की सीट पर संजय यादव बैठे दिख रहे थे।
बाद में रोहिणी ने सोशल मीडिया पर अपने परिवार और पार्टी के सभी सदस्यों को अनफॉलो कर दिया। इसके बाद उन्होंने अपने आलोचकों को चुनौती दी कि अगर कोई साबित कर दे कि उन्होंने कभी अपने लिए या दूसरों के लिए कुछ मांगा है, तो वे राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से खुद को अलग कर लेंगी। रोहिणी ने उनके पिता को किडनी दान करने की बात को झूठा बताने वालों पर भी कड़ा रुख अपनाया था। वहीं लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव भी परिवार और पार्टी से पहले ही निष्काषित किये जा चुके हैं। और अब रोहिणी के पोस्ट ने पूरी तरह से जगजाहिर कर दिया है कि लालू का परिवार और पार्टी पूरी तरह से टूटता जा रहा है।