द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा आयुष चिकित्सकों के लिए आयोजित कार्यक्रम में महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब हटाए जाने का मामला अब नया नया मोड़ ले चुका है। अब उस महिला डॉक्टर के भाई का कहना है कि इस घटना से आहत होकर उसकी बहन ने नौकरी नहीं करने का फैसला किया है।
एक मीडिया से बातचीत के दौरान नुसरत परवीन के भाई ने कहा कि 20 दिसंबर को उसे अपना पद संभालना था। लेकिन वह अभी सदमे में है। इस घटना को वह भूल नहीं पा रही है। इस घटना के कारण नुसरत इस समय मानसिक आघात के दौर से गुजर रही है और उसने काम पर नहीं जाने का इरादा कर लिया है।.jpeg)
हालांकि, उनका यह भी कहना था कि परिवार इस बात को समझाने की कोशिश कर रहा है कि गलती किसी और की है। इसलिए उन्हें अपने करियर पर ध्यान देना चाहिए लेकिन आत्मसम्मान को पहुंची चोट के कारण नुसरत पीछे हट गई है। नुसरत के भाई का स्पष्ट रूप से कहना था कि जब तक वह इस ट्रॉमा से बाहर नहीं आएगी, काम पर लौटना संभव नहीं होगा।
जानकारी के मुताबिक, नुसरत के भाई कोलकाता में है और उन्होंने वहीं पर एक मीडिया संस्थान को यह इंटरव्यू दिया हैं। बताया जा रहा है कि नुसरत के भाई कोलकाता की एक गवर्नमेंट लॉ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।