द फॉलोअप डेस्क
NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। ताज़ा जांच में यह खुलासा हुआ है कि 26 दिसंबर को छात्रा ने जहानाबाद की एक मेडिकल दुकान से एंटी-डिप्रेशन की गोलियां खरीदी थीं, जिसे अब जांच एजेंसियां बेहद अहम कड़ी मान रही हैं।.jpeg)
खबरों की मानें तो इस मामले की जांच कर रही एसआईटी चौथी बार जहानाबाद पहुंची है। जांच का पूरा फोकस अब 26 दिसंबर की गतिविधियों पर है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि छात्रा को एंटी-डिप्रेशन की दवाइयों की जरूरत क्यों पड़ी और क्या यह किसी मानसिक उत्पीड़न, दबाव या धमकी से जुड़ा हुआ था।.jpeg)
दुकानदार से पूछताछ में यह पुष्टि हुई है कि छात्रा ने दवाइयाँ खरीदी थीं। इसके बाद एसआईटी ने दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। साथ ही छात्रा के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स, चैट हिस्ट्री और लोकेशन डेटा को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
इस केस में पहले ही यह सामने आ चुका है कि छात्रा पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। बाद में वह संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाई गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया और जांच की जिम्मेदारी वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई।.jpg)
अब 26 दिसंबर की यह खरीदारी जांच की धुरी बन गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि छात्रा ने दवाइयाँ खुद के लिए खरीदी थीं या किसी के कहने पर। क्या उस पर किसी तरह का मानसिक दबाव बनाया जा रहा था? क्या उसे डराया या ब्लैकमेल किया जा रहा था? ये सभी सवाल जांच के केंद्र में हैं।
एसआईटी का मानना है कि अगर छात्रा की मानसिक स्थिति को समझ लिया गया, तो हत्या की साजिश की परतें भी खुल सकती हैं। यही वजह है कि बार-बार जहानाबाद जाकर हर छोटे-बड़े सुराग को जोड़ा जा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले हर पहलू को खंगालने का दावा कर रही है।