द फॉलोअप डेस्क
समाज कल्याण विभाग के द्वारा बिहार के भोजपुर जिले में संचालित अनाथ, बेसहारा, HIVएड्स और कुष्ठ रोग से पीड़ित बच्चों को प्रत्येक माह एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत 879 से भी ज्यादा बच्चों को लाभ मिल रहा है। वहीं ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लाभ देने के लिए आरा सदर अस्पताल में विशेष कैंप भी लगाये जा रहे हैं।
परवरिश योजना के अंतर्गत जिले में जो अनाथ और बेसहारा बच्चे हैं, साथ ही वह अपने निकटतम संबंधी अथवा रिश्तेदार के साथ रहते हैं, या वह एचआईवी, एड्स या कुष्ठ रोग से पीड़ित है. उन्हें सरकार के द्वारा यह राशि प्रदान की जा रही है. ये बच्चे खुद को अकेला और उपेक्षित महसूस न करें, इसके लिए जिला बाल संरक्षण इकाई उन्हें हर महीने एक-एक हजार रुपये की राशि प्रदान कर, उनके जीवन यापन में मदद कर रही है।.jpeg)
'परवरिश योजना' का लाभ लेने के लिए बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होनी चाहिए। साथ ही, बच्चे का पालन-पोषण करने वाले माता-पिता या अभिभावक की वार्षिक आय 60 हजार रुपए से कम होनी चाहिए। हालांकि, इसमें एक बड़ी राहत दी गई है, जिसमें HIV/एड्स और कुष्ठ रोग से पीड़ित बच्चों के मामले में, यह आय सीमा लागू नहीं होती है। यानी, अगर वार्षिक आय 60 हजार से ज्यादा भी है, तब भी इन बीमारियों से पीड़ित बच्चे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।.jpg)
ऐसे करें आवेदन
भोजपुर जिले में जो भी पात्र परिवार इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे आवेदन पत्र निःशुल्क प्राप्त कर सकते हैं और इसे जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के मुख्य स्थान हैं: आंगनबाड़ी केंद्र, सीडीपीओ कार्यालय, और सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई का कार्यालय। इसके अलावा, वर्तमान में 7 दिसंबर से नए लाभार्थियों को जोड़ने के लिए सदर अस्पताल में एक विशेष कैंप भी लगाया जा रहा है, जहां सीधे आवेदन जमा किए जा सकते हैं। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए आप 06182-295008 पर संपर्क कर सकते हैं।
जिले में परवरिश योजना के 879 लाभुकों को मिल रहा लाभ
भोजपुर जिले में 'परवरिश योजना' के तहत वर्तमान में 879 लाभार्थियों को सहायता मिल रही है। इन सभी बच्चों को हर महीने 1000 रपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। लाभार्थियों की संख्या के मामले में आरा प्रखंड (148) सबसे आगे है, जिसके बाद बड़हर (101), जगदीशपुर (90), बिहिया (83), और कोईलवर (79) का स्थान है। जिले के अन्य प्रखंडों जैसे चरपोखरी, शाहपुर, पीरो, उदवंतनगर, अगिआंव, सहार, तरारी, गड़हनी और संदेश के बच्चे भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं।