द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग आज, मंगलवार 30 सितंबर, को अंतिम वोटर लिस्ट जारी करेगा। यह लिस्ट Summary Revision of Electoral Rolls (SIR) प्रक्रिया के तहत तैयार की गई है। चुनाव आयोग यह लिस्ट विधानसभावार जारी करेगा। बता दें कि बिहार में SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुल 7 करोड़ 89 लाख 69 हजार 844 मतदाता थे, लेकिन फॉर्मेट लिस्ट में 65.63 लाख मतदाताओं के नाम को हटा दिया गया था।
SIR प्रक्रिया 25 जून से शुरू हुई थी, जिसके बाद 1 अगस्त को जारी फॉर्मेट वोटर लिस्ट में कुल 7 करोड़ 24 लाख 5 हजार 756 मतदाताओं के नाम थे, जिसमें 65.63 लाख लोगों का नाम हटाया गया था। चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट जारी करने के बाद 3 लाख लोगों को नोटिस जारी किया था, जिसमें से 2.17 लाख लोगों ने नाम हटवाने का आवेदन दिया और 16.93 लाख लोगों ने नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया।

1 अगस्त से 1 सितंबर तक 16 लाख 56 हजार 886 लोगों ने फॉर्म-6 भरकर नए नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया। इस दौरान 36 हजार 475 लोगों ने नाम जोड़ने की आपत्ति उठाई और 2 लाख 17 हजार 49 लोगों ने नाम हटाने का आवेदन किया। 1 सितंबर से 30 सितंबर तक आए नए आवेदनों का निष्पादन अब तक नहीं हुआ है, लेकिन SIR प्रक्रिया के समाप्ति के बाद 1 अक्टूबर से इन आवेदनों का निष्पादन किया जाएगा।
नाम जोड़ने के लिए अब आधार कार्ड को भी वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जाएगा, जिससे मतदाताओं को और भी अधिक सुविधा मिलेगी। जो लोग आज जारी होने वाली वोटर लिस्ट में अपना नाम नहीं देख पाएंगे, वे उम्मीदवारों के नॉमिनेशन की आखिरी तारीख से 10 दिन पहले तक नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए आज, 30 सितंबर को सुबह 9:30 बजे से लेकर 3 बजे तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी 38 जिलों के कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, डीएम, एसएसपी और एसपी के साथ बैठक करेगा। इस मीटिंग में चुनावी तैयारियों, कर्मियों की सूची, प्रशिक्षण, ईवीएम, सुरक्षा, वोटर लिस्ट और जागरूकता अभियान से जुड़े अपडेट रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।
1 अक्टूबर को चुनाव आयोग बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, आयकर विभाग, पुलिस नोडल पदाधिकारी और अन्य एजेंसियों के साथ ऑनलाइन मीटिंग करेगा। इसके बाद 4 और 5 अक्टूबर को चुनाव आयोग की टीम बिहार दौरे पर आएगी। 4 अक्टूबर को पटना में चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी, जिसके लिए बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने एक प्रजेंटेशन तैयार किया है। इस प्रक्रिया के जरिए चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मतदाताओं की संख्या और लिस्ट को पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रहा है।
