द फॉलोअप डेस्क
बिहार बंदी के दिन जारी छात्र आंदोलन के समय पुलिस ने सैकड़ों छात्रों, विपक्षी विधायकों और नेताओं को हिरासत में लिया है। पुलिसिया कार्रवाई में आंदोलनरत कई छात्र घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। रविवार को बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अस्पताल पहुंचकर सभी घायल छात्रों का कुशलक्षेम जाना। इसके साथ ही सरकार से दोषी पुलिसकर्मियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की। तेजस्वी ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का मौलिक अधिकार है, जो नागरिकों को अपनी असहमति और विचार व्यक्त कर निरंकुश सत्ता को जवाबदेह बनाता है।
पुलिस की गोली से घायल छात्र प्रदर्शनकारियों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 26, 2026
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आवश्यक अधिकार है जो नागरिकों को अपनी असहमति और विचार व्यक्त कर निरंकुश सत्ता को जवाबदेह बनाता है।
बिहार सरकार छात्रों पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर… pic.twitter.com/SAscBPqCra
लाठी, बंदूक और प्रशासनिक तंत्र के बल पर आवाज को नहीं दबाया जा सकता
तेजस्वी ने सीएम सम्राट को चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिसिया कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिये गए सैकड़ों छात्रों, विपक्षी विधायकों और नेताओं की कल तक रिहाई नहीं होती है तो विपक्ष राज्य में बड़ा आंदोलन करेगा। तेजस्वी ने मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम सम्राट पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि बिहार, जो लोकतंत्र की जननी रहा है, वहां एक गैर-जनाधार वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बना दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नाम और काम पर राज्य की जनता ने कभी वोट नहीं दिया और न कभी देगी। तेजस्वी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि लाठी, बंदूक और प्रशासनिक तंत्र के बल पर बिहारियों और युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सैंकड़ों छात्रों, विपक्षी विधायकों और नेताओं को तत्काल रिहा करें। छात्रों पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों पर कारवाई करें।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) July 26, 2026
एक सड़कछाप अपराधी प्रवृति वाले व्यक्ति को लोकतंत्र की जननी बिहार में मुख्यमंत्री बना दिया गया है जिसके… pic.twitter.com/6HAKUMppdP
तेजस्वी ने दिया अल्टीमेटम
उन्होंने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर हिरासत में लिए गए छात्र आंदोलनकारियों को यथाशीघ्र रिहा नहीं किया गया, तो छात्र और युवा एक बार फिर उग्र आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। उन्होंने साफ किया कि अधिकार मांगने वाले छात्रों पर पुलिसिया बर्बरता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अन्याय के खिलाफ लड़ाई मजबूती से जारी रहेगी।