द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के लगभग दो महीने बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब राजनीतिक रूप से एक्टिव नजर आ रहे हैं। आज उन्होंने राजद सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की। हालांकि इस बैठक को तेजस्वी की बहन रोहिणी आचार्य ने 'दिखावा' करार दिया है। उन्होंने भाई को कड़े फैसले लेने की नसीहत दी है।
मालूम हो कि आज पटना प्रदेश कार्यालय में तेजस्वी यादव ने सभी राजद सांसदों के साथ समीक्षा बैठक रखी थी। जिसमें बहन मीसा भारती और उनके करीबी राज्यसभा सांसद संजय यादव समेत तमाम लोकसभा और राज्यसभा सांसद भी मौजूद थे। इस दौरान हार की समीक्षा और पार्टी की आगामी रणनीति पर बातचीत हुई।.jpeg)
और इसी लेकर ही रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए राजद सांसदों की समीक्षा बैठक पर तंज कसा और लिखा "समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म - मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की है , 'अपने' इर्द - गिर्द कब्ज़ा जमाए बैठे चिन्हित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी...बाकी तो ये जो पब्लिक है न , वो सब जानती - समझती ही है.."
इस पोस्ट के बाद अब बिहार की सरगर्मी एक बार फिर से तेज हो गई है। दरअसल विधानसभा चुनाव के पहले से ही रोहिणी आचार्य नाराज चल रही हैं। 15 नवंबर को उन्होंने एक्स हैंडल पर राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान भी किया था। चुनाव के दौरान उन्होंने अपने साथ हो रही ज्यादती के लिए तेजस्वी के सहयोगी संजय यादव और रमीज को दोषी ठहराया था। वहीं वे लगातार दोनों के खिलाफ पोस्ट भी करती रही हैं और बिना नाम लिए तेजस्वी को भी निशाने पर लेती रही हैं।