द फॉलोअप डेस्क:
CJP Protest: दिल्ली (Delhi) के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन (protest) से पहले पुलिस की कार्रवाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरजेडी (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) की बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस (Delhi Police) पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “डराओ मत, धमकाओ मत, अब देश जाग चुका है। तानाशाही के खिलाफ देश का युवा अब सड़कों पर आ चुका है।” रोहिणी ने सवाल उठाया कि आखिर कितने युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को हिरासत में लिया जाएगा और लोगों की आवाज को कब तक दबाया जा सकेगा।

अभिजीत दीपके समेत कई लोग हिरासत में
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान उतरने के बाद हिरासत में ले लिया गया। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी नेताओं और सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

संविधान और अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया
रोहिणी आचार्य ने एक के बाद एक कई पोस्ट के जरिए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि सच बोलने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश से ऐसी आवाजें खत्म नहीं होंगी। एक अन्य पोस्ट में उन्होंने ध्रुव राठी और CJP नेताओं को हिरासत में लिए जाने को केंद्र सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण बताया। रोहिणी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे लोगों को रास्ते में या एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करते हुए कार्रवाई की निंदा की। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई की वैधानिकता और रोहिणी के आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित आधिकारिक पक्ष और कानूनी तथ्यों को भी देखना जरूरी है।