द फॉलोअप डेस्क
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विकास की जमीनी हकीकत परखने के लिए 'समृद्धि यात्रा' की तैयारियाँ अब अंतिम चरण में हैं। लगातार दसवीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद अब नए साल पर उन्होंने 'समृद्धि यात्रा' का ऐलान किया है, जो उनकी 16वीं राज्यव्यापी यात्रा होने वाली है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य राज्य के विकास को नई गति देना और 'संकल्प से सिद्धि' के लक्ष्य को साकार करना माना जा रहा है।
यह यात्रा श्रृंखला का पहला चरण 16 जनवरी 2026 से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगा, जिसमें मुख्यमंत्री उत्तर बिहार के 9 जिलों का दौरा करेंगे। समृद्धि यात्रा का शुभारंभ पश्चिमी चंपारण जिले से होगा। जिसके तहत 17 जनवरी को पूर्वी चंपारण, 19 जनवरी को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 जनवरी को गोपालगंज, 21 जनवरी को सिवान, 22 जनवरी को सारण और 23 जनवरी को मुजफ्फरपुर में विकास योजनाओं का जायजा लिया जाएगा। और फिर 24 जनवरी को वैशाली में समापन होगा। रविवार को छोड़कर लगातार 8 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के माध्यम से मुख्यमंत्री योजनाओं की प्रगति देखेंगे और जनता से सीधा संवाद करेंगे।.jpg)
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री चार मुख्य कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिनमें सात निश्चय योजनाओं का स्थल निरीक्षण, नई परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन, जनसंवाद और जिला स्तरीय समीक्षा बैठकें शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के जरिए नीतीश कुमार विकास कार्यों की गुणवत्ता और जनता तक उनकी पहुंच की सीधी जांच करेंगे। मुख्यमंत्री न केवल योजनाओं का मूल्यांकन करेंगे, बल्कि आम जनता की समस्याओं को सुनकर उनके तत्काल समाधान भी देंगे।
प्रशासनिक स्तर पर इस यात्रा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। मुख्य सचिव के निर्देश पर सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को मुस्तैद रहने का आदेश दिया गया है। प्रत्येक जिले की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव और डीजीपी समेत आला अधिकारी उपस्थित रहेंगे, वहीं संबंधित जिलों में विभागीय सचिवों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।