नई दिल्ली
संसद के मानसून सत्र के दौरान आज 22 जुलाई को विपक्षी गठबंधन INDIA ने बिहार में कथित “वोट चोरी” के खिलाफ सरकार और चुनाव आयोग को घेरा। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के जरिए गरीब, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक तबकों के वोट सूची से नाम काटे जा रहे हैं। हालांकि विपक्ष इस मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा में उठाना चाहता था, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गई। विरोध स्वरूप राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे समेत गठबंधन के सभी प्रमुख नेताओं ने संसद भवन के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन से पहले विपक्षी सांसदों की एक रणनीतिक बैठक भी संसद भवन परिसर में आयोजित हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश, सांसद मणिकम टैगोर और INDIA गठबंधन के अन्य फ्लोर लीडर्स मौजूद थे। इस बैठक में मानसून सत्र के दौरान उठाए जाने वाले प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें पहलगाम हमला, ऑपरेशन सिंदूर, ट्रंप के विवादास्पद बयान, डिलिमिटेशन, मणिपुर हिंसा और विदेश नीति से जुड़े विषय शामिल हैं।
राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, "SIR जैसी प्रक्रिया गरीबों से उनका संवैधानिक अधिकार छीनने की साजिश है। सरकार और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।"
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा कि इस विषय पर आज संसद में एडजर्नमेंट मोशन दिया गया था, ताकि इस पर चर्चा हो सके। लेकिन सरकार ने सदन में इस पर बोलने का मौका नहीं दिया।
कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुन्निल सुरेश ने कहा, “सरकार न तो लोकसभा और न ही राज्यसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करने दे रही है। यही वजह है कि विपक्ष के सभी नेता आज संसद के बाहर मकर द्वार पर प्रदर्शन करने को मजबूर हुए।”
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट 28 जुलाई को इस मामले की सुनवाई करने जा रहा है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग तब तक भी इस प्रक्रिया को रोकने को तैयार नहीं है।
विपक्ष की मांग है कि प्रधानमंत्री खुद सदन में आकर SIR, मणिपुर हिंसा, डिलिमिटेशन और अन्य संवेदनशील मुद्दों पर जवाब दें। विपक्ष का कहना है कि जनता से जुड़े गंभीर मसलों को संसद में दबाने की कोशिश हो रही है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे।