द फॉलोअप डेस्क:
PMCH Tower 3 Inauguration: बिहार (Bihar) के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों (Government Hospital) में शामिल पटना मेडिकल कॉलेज (Patna Medical College) एवं अस्पताल यानी PMCH की तस्वीर बदलने की दिशा में आज एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) ने PMCH के पुनर्विकास के तहत तैयार टावर-3 (PMCH Tower 3) का उद्घाटन किया है। इस नए भवन में मॉल की तर्ज पर एस्केलेटर, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सबसे बड़ी बात यह है कि मरीजों को रजिस्ट्रेशन से लेकर जांच और दवा तक के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकने से राहत मिलने की उम्मीद है।

PMCH टावर-3 में आधुनिक सुविधाओं की सौगात
दरअसल, PMCH में इलाज कराने पहुंचने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर लंबी कतारों और अलग-अलग काउंटरों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए नए टावर में सुविधाओं को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया गया है। सोमवार, 12 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसका उद्घाटन किया। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। नए टावर में OPD रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 15 काउंटर बनाए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए तीन अलग काउंटर और दिव्यांग मरीजों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। सभी काउंटर वातानुकूलित हैं, ताकि मरीजों को पर्ची कटाने के दौरान गर्मी और भीड़ से राहत मिल सके। इसके अलावा भवन में एस्केलेटर की सुविधा भी दी गई है। आधुनिक सर्जिकल वार्ड, चार ऑपरेशन थिएटर और मरीजों के परिजनों के लिए कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई हैं।

24 घंटे जांच-दवा, छत पर एयर एंबुलेंस की सुविधा
इस नए भवन की एक और अहम सुविधा है 24 घंटे फार्मेसी और पैथोलॉजी सेवा की व्यवस्था। इससे इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को रात के समय दवा और जरूरी जांच के लिए होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, भवन की छत पर एयर एंबुलेंस के उतरने के लिए हेलीपैड की व्यवस्था की गई है। इससे जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को एयर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस सुविधा के नियमित संचालन और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की स्थिति की पुष्टि अस्पताल प्रशासन से जरूरी होगी। कुल मिलाकर, PMCH के टावर-3 का उद्घाटन बिहार की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम है। हालांकि, पूरे PMCH का पुनर्विकास अभी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सुविधाओं का संचालन कितना सुचारु रहता है और मरीजों को इसका वास्तविक लाभ कितनी जल्दी मिलने लगता है।