द फॉलोअप डेस्क:
Patna NEET Student Death Case: पटना (Patna) के शंभू गर्ल्स हॉस्टल (Shambhu Girls Hostel) में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब आठ महीने की जांच के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में पर्याप्त ठोस सबूत नहीं मिलने का हवाला देते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। अब इस रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान जांच के तरीकों, CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्य जुटाने को लेकर सवाल उठे हैं। अदालत ने जांच से जुड़े पहलुओं पर नाराजगी जताई है। मामले में अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।

CBI की क्लोजर रिपोर्ट पर क्यों उठे सवाल?
CBI ने 6 अक्टूबर 2026 को पटना की विशेष पॉक्सो अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। हालांकि, छात्रा के परिवार ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाए हैं और मामले में न्याय की मांग की है। मंगलवार को रिपोर्ट पर हुई सुनवाई के दौरान जांच में CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल को लेकर सवाल उठे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने जांच से जुड़ी कथित लापरवाही पर नाराजगी जताई और CBI की ओर से पेश वकील को भी फटकार लगाई। अब मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को निर्धारित की गई है। गौरतलब है कि क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने से मामला अपने आप समाप्त नहीं हो जाता। अदालत रिपोर्ट को स्वीकार करने, उसे अस्वीकार करने या आगे की जांच का निर्देश देने का फैसला कर सकती है।
6 जनवरी को हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी छात्रा
यह मामला जनवरी 2026 का है। जहानाबाद की रहने वाली 17 वर्षीय छात्रा पटना के चित्रगुप्त नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। वह 5 जनवरी को हॉस्टल पहुंची थी। अगले दिन, 6 जनवरी को वह अपने कमरे में बेहोश मिली। इसके बाद छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार ने उसकी मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाए। परिजनों ने छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने की बात कही और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रा के पिता के बयान के आधार पर 9 जनवरी को चित्रगुप्त नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की गंभीरता और जांच को लेकर उठे सवालों के बाद बिहार पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। बाद में राज्य सरकार की सिफारिश पर जांच CBI को सौंप दी गई।

पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में क्या सामने आया?
मामले की जांच के दौरान मेडिकल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की भी पड़ताल की गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के शरीर पर चोट के निशान दर्ज किए गए थे। वहीं, फॉरेंसिक जांच में उसके कपड़ों पर स्पर्म मिलने की बात सामने आई थी। इसके बाद DNA जांच कराई गई। प्रकाशित रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 30 लोगों के DNA सैंपल की जांच की गई, लेकिन किसी का DNA संबंधित सैंपल से मेल नहीं खाया। हालांकि, DNA का मेल नहीं मिलना अपने आप में घटना की पूरी परिस्थितियों को स्पष्ट नहीं करता। CBI ने अपनी जांच के निष्कर्षों के आधार पर कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं मिले। इसके बाद एजेंसी ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। इसी निष्कर्ष पर छात्रा के परिवार ने आपत्ति जताई है।
परिवार को जांच पर आपत्ति, न्याय की मांग जारी
CBI की क्लोजर रिपोर्ट सामने आने के बाद छात्रा के परिवार ने निराशा जताई है। परिजनों का कहना है कि मामले की परिस्थितियों और जांच में सामने आए तथ्यों की पूरी तरह पड़ताल होनी चाहिए। परिवार की आपत्तियों के बीच अदालत में रिपोर्ट पर सुनवाई जारी है। इस मामले में CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और जांच की प्रक्रिया अहम सवाल बने हुए हैं। अदालत में इन पहलुओं पर उठे सवालों के बाद अब अगली सुनवाई पर नजर रहेगी। पटना की विशेष पॉक्सो अदालत में अब 6 नवंबर को मामले की अगली सुनवाई होगी। अदालत के सामने मुख्य सवाल यह है कि CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या उपलब्ध तथ्यों और परिवार की आपत्तियों के आधार पर आगे की जांच की जरूरत है। फिलहाल, अदालत की ओर से क्लोजर रिपोर्ट पर अंतिम फैसला आने तक मामले को बंद मानना सही नहीं होगा। छात्रा की मौत की परिस्थितियों और परिवार की न्याय की मांग के बीच अगली सुनवाई इस मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।