पटना में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने आम जनता को परेशान कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में प्रतिदिन करीब 27 हजार बुकिंग हो रही है, जबकि आपूर्ति 33 हजार से अधिक है। यानी सप्लाई ज्यादा होने के बावजूद 1.55 लाख से अधिक सिलेंडरों का पुराना बैकलॉग जमा हो गया है, जो परेशानी की सबसे बड़ी वजह है। बैकलॉग बनने का कारण यह है कि लोग गैस खत्म होने से पहले ही बार-बार बुकिंग कर रहे थे, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ा और डिलीवरी में देरी हुई। साथ ही मैनेजमेंट की कमी और समय पर वितरण नहीं होने से पुरानी बुकिंग जमा होती गई। स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने तेल कंपनियों और जिला प्रशासन के साथ बैठक कर निर्देश दिया है कि पहले लंबित सिलेंडरों की आपूर्ति की जाए और कालाबाजारी व अनियमितताओं पर सख्ती की जाए। नए नियम के तहत सामान्य उपभोक्ता अब 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग कर सकेंगे, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए 45 दिन का इंतजार जरूरी होगा।
साथ ही डिलीवरी के समय ओटीपी देना अनिवार्य कर दिया गया है और ई-केवाईसी नहीं होने पर बुकिंग रद्द हो सकती है।