पटना/बिहार
बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के लिए हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार गुरुवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए। विधानसभा परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान निर्वाचित सदस्यों को निर्वाचन प्रमाणपत्र सौंपे गए। इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने पहली बार MLC बनने के बाद कहा कि वे अपने राजनीतिक जीवन में अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से कभी समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व समेत सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

विकास और सुशासन की विरासत को आगे बढ़ाने का दावा
प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद मंत्री निशांत ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली और सड़क जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, जल-जीवन-हरियाली अभियान और शराबबंदी जैसी योजनाओं को राज्य की बड़ी उपलब्धियां बताते हुए कहा कि बिहार ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भी विकास की गति बरकरार रहेगी।

मतदान की नहीं पड़ी जरूरत
दरअसल विधान परिषद की 10 सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या सीटों के बराबर रहने के कारण मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी। इसलिए सभी उम्मीदवारों को निर्विरोध निर्वाचित किया गया। इसमें जदयू से चार उम्मीदवार निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवरानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद हैं। वहीं भाजपा से चार उम्मीदवार पवन सिंह, संजय मयूक, अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति। जबकि लोजपा (रामविलास) से एक अशरफ अंसारी और राजद से भी एक सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। इनमें से 8 सदस्य पहली बार विधान परिषद पहुंचे हैं।