द फॉलोअप डेस्क
पटना में नीट छात्रा मौत मामले में CBI द्वारा जांच की जा रही थी। इस मामले में 23 मार्च को सुनवाई होनी है। हाल ही में कोर्ट की सुनवाई में सवाल पूछे जाने पर CBI द्वारा संतुष्टी जनक जवाब नहीं दिया गया था। इस पर मृतिका छात्रा की मां ने CBI पर सही से जांच नहीं किए जाने के आरोप लगाए गए थे। अब इसे देखते हुए कोर्ट ने जांच में लापरवाही का हवाला देते हुए CBI के जांच अधिकारी को बदल दिया है। बता दें कि पहले एएसपी पवन कुमार श्रीवास्तव के निगरानी में जांच चल रही थी, लेकिन अब उनकी जगह डीएसपी विभा कुमारी को नया (IO) नियुक्त किया गया है। बता दें कि 12 फरवरी को CBI इस केस को अपने हाथ में लिया था और जांच शुरू की थी। जांच की धीमी रफ्तार और प्रक्रियागत खामियों को लेकर पॉक्सो कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी, जिसे देखते हुए यह बदलाव किया गया।
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नए आईओ विभा कुमारी अपनी टीम के साथ जहानाबाद में छात्रा के घर पहुंचीं, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि CBI कई बार पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। पूछताछ के दौरान छात्रा की मां की तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गईं। मामले में परिजनों को दो बार धमकी भरे पत्र भी मिल चुके हैं, जिसकी शिकायत शकूराबाद थाने में दर्ज है। हालांकि, स्थानीय पुलिस अब तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाई है। CBI की जांच पर कई गंभीर सवाल उठे हैं। केस दर्ज करते समय पॉक्सो एक्ट नहीं जोड़ा गया, जिस पर कोर्ट ने फटकार लगाई।
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इसके अलावा, मुख्य आरोपी मनीष कुमार रंजन से रिमांड पर पूछताछ नहीं की गई और उसके मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की भी सही तरीके से जांच नहीं हुई। इतना ही नहीं, घटना के दिन उसकी लोकेशन स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिजनों के बयान अब तक कोर्ट में दर्ज नहीं कराए गए हैं और हॉस्टल के आसपास के CCTV फुटेज भी पेश नहीं किए गए। वहीं छात्रा के दादा ने आरोप लगाया है कि CBI उन्हें मामले को आत्महत्या मानने के लिए दबाव बना रही है। उन्होंने कहा कि वे पहले ही सभी साक्ष्य दे चुके हैं। इधर, परिजनों के वकील एसके पांडेय ने कोर्ट में शिकायत और मुआवजे को लेकर आवेदन दिया है। परिजनों की प्रमुख मांगें है कि उनका बयान भी कोर्ट में दर्ज किया जाए। जांच रिपोर्ट की कॉपी उपलब्ध कराई जाए, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।