द फॉलोअप डेस्क:
राजद सुप्रीमो (RJD Supremo) और बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव (CM Lalu Prasad Yadav) शुक्रवार को सीवान की ACJM-1 अदालत में पेश हुए। करीब 15 साल पुराने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के मामले में कोर्ट ने उनके खिलाफ आरोप गठित कर दिया। सुनवाई के दौरान जब अदालत ने लालू यादव से आरोपों को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा, 'महाशय, ऐसा कुछ नहीं है।' यह मामला साल 2011 का है, जब दरौंदा विधानसभा उपचुनाव के दौरान लालू यादव राजद प्रत्याशी परमेश्वर सिंह के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। आरोप है कि धारा 144 लागू होने के बावजूद उन्होंने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल कर सभा को संबोधित किया था।

कई नोटिस के बाद भी कोर्ट में नहीं हुए थे पेश
इस मामले में दरौंदा थाना कांड संख्या 146/2011 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लालू यादव पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन और प्रतिबंध के बावजूद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करने का आरोप है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन लालू यादव पेश नहीं हुए। इसके बाद कोर्ट ने कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया का आदेश दिया था। शुक्रवार को अदालत में उनकी पेशी के बाद आरोप गठित किए गए। अब मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के तहत गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे। हालांकि, आरोप गठित होने का मतलब दोषी साबित होना नहीं है। मामले में अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।