सुपौल/पटना
सुपौल जिले के किसनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाली और कुव्यवस्था सामने आई है। RJD ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया (X) पर एक विडियो पोस्ट किया है। इस वीडियो में एक निजी सुरक्षा एजेंसी का गार्ड डॉक्टर की भूमिका निभाते हुए मरीज को इंजेक्शन लगाते हुए दिख रहा है। इस वीडियो को पोस्ट करते हुए एक बार फिर से पार्टी ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली का उदाहरण बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, किसनपुर, जिला-सुपौल का यह हाल ????ही बिहार के हर अस्पताल का हाल है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) June 13, 2026
BJP JDU के सरकार के रहते बिहार में कोई भी, कुछ भी बन सकता है!
प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी का गार्ड "डॉक्टर" बन सकता है!
बीमार स्वास्थ्य मंत्री बन सकता है!
हत्या का अभियुक्त मुख्यमंत्री बन… pic.twitter.com/9dH8AuF2RX
स्लाइन का बोतल मरीज के बेड पर फेंक कर चली गई थी नर्स
बीते शुक्रवार भी इसी पार्टी की आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर PMCH का वीडियो सामने आया था। जिसमें एक नर्स मरीज को स्लाइन न चढ़ाकर स्लाइन का बोतल मरीज के बेड पर फेंक कर चली गई थी। परिजन द्वारा बोलने पर ये कहते हुए पाई गई थी कि तुम खुद चढ़ा लो। अपने पोस्ट में RJD ने लिखा कि बिहार में व्यवस्था इस कदर चरमरा गई है कि "प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी का गार्ड डॉक्टर बन सकता है।" पार्टी ने स्वास्थ्य व्यवस्था के साथ-साथ राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और नेतृत्व पर भी निशाना साधा। RJD ने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में प्रशासनिक और संस्थागत व्यवस्थाएं कमजोर हो गई हैं।
PMCH हो या बिहार का कोई भी सरकारी अस्पताल, यहां पर नर्स, डॉक्टर, सफाई कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, टेक्नीशियन सभी का संघर्ष केवल नौकरी पाने तक है!
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) June 12, 2026
एक बार जैसे ही नौकरी मिल जाए उसके बाद सारी सेवा की भावना, उत्तरदायित्व और जीवन में संघर्ष... सब गायब!
कोई काम करने की जरूरत नहीं!
घाव… pic.twitter.com/VKYowNznP5
स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय
विपक्ष का कहना है कि यदि अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी है और गैर-चिकित्सकीय कर्मी मरीजों के इलाज से जुड़े कार्य कर रहे हैं, तो यह आम लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।