पटना
बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां बढ़ती जा रही हैं। इस बीच, केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख जीतन राम मांझी के बयान ने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। उन्होंने रविवार को घोषणा की कि उनकी पार्टी इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में 20 से अधिक सीटों की मांग करेगी। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि उनकी पार्टी का ढांचा मजबूत हो रहा है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दोनों को लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को सम्मानजनक भागीदारी चाहिए। उन्होंने अपनी बात को एक उदाहरण के जरिए समझाते हुए कहा, "अगर परिवार में चार रोटियां हैं और हमें सिर्फ एक दी जाती है, तो हम चुपचाप कोने में नहीं खड़े रह सकते।"

पटना आवास पर भोज और सियासी मुलाकातें
रविवार शाम मांझी ने अपने पटना स्थित आवास पर एक भोज का आयोजन किया, जिसमें राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता सम्राट चौधरी शामिल हुए। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत में मांझी ने कहा कि इस तरह की बैठकें एनडीए के भीतर तालमेल बनाए रखने में मददगार होती हैं। उन्होंने पत्रकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "आप लोग अफवाह फैलाकर गठबंधन में दरार डालने की कोशिश करते हैं, लेकिन हम मजबूती से साथ खड़े हैं।"

पहले भी कर चुके हैं सीटों की मांग
यह पहली बार नहीं है जब मांझी ने सीटों को लेकर अपनी बात रखी है। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी को लोगों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए कम से कम 20 विधायकों की जरूरत है। हाल ही में उन्होंने एनडीए में उचित स्थान न मिलने की स्थिति में केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की चेतावनी भी दी थी, हालांकि कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने बयान से पलटी मार ली।
