पूर्णिया/बिहार
पूर्णिया जिले में एक कथित झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। खेलते समय बच्चे के पैर में जंग लगी कील चुभ गई थी। संक्रमण के खतरे को देखते हुए गुरुवार रात करीब 8 बजे परिजन उसे गांव में प्रैक्टिस करने वाले कथित डॉक्टर के पास टिटनेस का इंजेक्शन लगवाने ले गए। आरोप है कि इंजेक्शन लगते ही कुछ ही मिनटों में बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। घटना जिले के चंपानगर थाना क्षेत्र के सौरा गांव का है।

GMCH पहुंचने से पहले तोड़ा दम
बच्चे की हालत गंभीर होते देख आरोपी डॉक्टर उसे आनन-फानन में पड़ोस का ही स्कॉर्पियो मंगाकर GMCH अस्पताल पूर्णिया ले गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के दौरान ही बताया कि बच्चे की यहां पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि जैसे ही आरोपी को बच्चे की मौत की जानकारी मिली, वह अस्पताल परिसर में ही शव छोड़कर फरार हो गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में भी लोगों में भारी आक्रोश है।

खाद-कीटनाशक दुकान की आड़ में चला रहा था क्लीनिक
मृतक की बड़ी मां बसंती देवी की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी धीरज मेहता समेत मनोज मेहता, मुकेश मेहता और मुरली मेहता के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। परिजनों का आरोप है कि धीरज मेहता खाद और कीटनाशक की दुकान की आड़ में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित कर मरीजों का इलाज करता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल चंपानगर थाना पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। मामले को हर पहलू से जांच की जा रही है।