द फॉलोअप डेस्क
जनता दल यूनाइटेड (JDU) में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर चल रही प्रक्रिया ने अब लगभग साफ संकेत दे दिया है कि पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं है। बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के शीर्ष नेता नीतीश कुमार एक बार फिर पार्टी की कमान संभालने जा रहे हैं। आज नीतीश कुमार अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे, जिसके साथ ही उनके निर्विरोध अध्यक्ष बनने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनका नामांकन पहले से ही तैयार कर लिया गया था और इसे महज औपचारिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक 22 मार्च तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे, 23 मार्च को नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी होगी और 24 मार्च नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। यदि इस दौरान कोई अन्य उम्मीदवार सामने नहीं आता है, तो नीतीश कुमार का निर्विरोध चयन तय माना जा रहा है।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि पार्टी का हर कार्यकर्ता चाहता है कि नीतीश कुमार ही अध्यक्ष बने रहें। उनके मुताबिक, नीतीश के नेतृत्व में संगठन लगातार मजबूत हुआ है और राजनीतिक तौर पर स्थिरता बनी रही है। पार्टी के अंदरूनी स्तर पर प्रदेश और अन्य इकाइयों के चुनाव पहले ही पूरे किए जा चुके हैं। अब केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन बाकी है, जिसे लेकर सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पूरे प्रक्रिया से यह साफ है कि जदयू फिलहाल किसी बड़े बदलाव के मूड में नहीं है। आगामी राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए पार्टी नेतृत्व स्थिर बनाए रखना चाहती है और नीतीश कुमार के अनुभव पर भरोसा जता रही है। अब नजरें 22 से 24 मार्च के बीच होने वाली प्रक्रिया पर टिकी हैं। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए यह लगभग तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से घोषित किए जाएंगे।
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