द फॉलोअप डेस्क:
Bihar News: बिहार में ग्रामीण विकास विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर (Superintendent Engineer Chandrashekar Singh) के ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance and Investigation Beureau of Bihar) का छापा पड़ा है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ निगरानी थाने में दर्ज 1.10 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग के संदर्भ के संदर्भ में की गई है। आरोपी का नाम चंद्रशेखर सिंह है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने सुपरिटेंडेंट इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह के पटना के रूपसपुर लोहिया पथ स्थित सरयुग वामिका अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर-103, सारण, कटिहार और सिलीगुड़ी समेत कुल 4 ठिकानों पर छापा मारा।
आरंभिक छानबीन के दौरान इंजीनियर के ठिकाने से 5 लाख रुपया कैश मिला है। बताया जाता है कि छापेमारी के दौरान इंजीनियर चंद्रशेखर सिंह घऱ पर ही मौजूद थे।

मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत पर हुई कार्रवाई
छपरा में पदस्थापित सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो को मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत मिली थी। अधिकारियों ने कटिहार में इंजीनियर के आास पर कमरे, आलमारियों, लॉकर, दस्तावेज समेत अन्य चीजों को खंगाला। इंजीनियर के जमीन से जुड़े दस्तावेज, पासबुक, निवेश और ज्वेलरी से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की गई। जांच में पता चला है कि पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थति फनसीदवा थानाक्षेत्र में चंद्रशेखर सिंह की पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई है।
नेशनल हाईवे के नजदीक मौजूद इस जमीन की कीमत करोड़ों में बताई जाती है। अब तक की छापेमारी में इंजीनियर के पटना स्थित फ्लैट से 3 तो वहीं कटिहार वाले आवास से 2 लाख रुपये बरामद हुए हैं। कटिहार में ज्वेलरी भी मिली है।