द फॉलोअप डेस्क:
Bihar News: IIT पटना (IIT Patna) के 10 संकाय सदस्यों ने वर्ष 2026 में दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित सूची में जगह बनाई है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय (Stanford University) और एल्सेवियर (Elsevier) की ओर से तैयार की गई इस सूची में अलग-अलग शैक्षणिक क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को शामिल किया गया है। यह उपलब्धि IIT पटना के शोध कार्यों और वैज्ञानिक योगदान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाती है। चयनित वैज्ञानिक भौतिकी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, गणित, कंप्यूटर विज्ञान, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों से जुड़े हैं। सूची में संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह सहित कई वरिष्ठ और युवा संकाय सदस्यों के नाम शामिल हैं।

IIT पटना के किन 10 वैज्ञानिकों को मिली जगह?
IIT पटना की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, सूची में शामिल वैज्ञानिकों में भौतिकी विभाग के डीन (प्रशासन) और प्रोफेसर प्रो. अवधेंद्र कुमार ठाकुर तथा विभागाध्यक्ष प्रो. नवीन कुमार निश्चल शामिल हैं। संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह को भी इस सूची में जगह मिली है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरजीत कुमार पॉल और विभागाध्यक्ष डॉ. अनिर्बान भट्टाचार्य का चयन हुआ है। वहीं, मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ऋचा चौधरी और गणित विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रतिभामॉय दास ने भी यह उपलब्धि हासिल की है। इसके अलावा, कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपर्णा साहा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. महेशकुमार एच. कोलेकर और इसी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजन कुमार बेहरा को भी दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।

शोध के प्रभाव के आधार पर तैयार होती है सूची
दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान और उनके शोध के प्रभाव का आकलन किया जाता है। इसके लिए एल्सेवियर के स्कोपस डेटाबेस से प्राप्त आंकड़ों का इस्तेमाल होता है। शोध प्रकाशनों, अन्य शोधकर्ताओं की ओर से दिए गए उद्धरणों और निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के आधार पर शोध कार्यों का मूल्यांकन किया जाता है। इस सूची में वैज्ञानिकों के पूरे करियर के शोध प्रदर्शन के साथ किसी एक वर्ष में किए गए शोध के प्रभाव का भी आकलन किया जाता है। वैज्ञानिकों को उनके शोध क्षेत्र के अनुसार 22 प्रमुख क्षेत्रों और 174 उप-क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है। हालांकि, इस सूची में शामिल होना किसी वैज्ञानिक के शोध कार्यों के प्रभाव का संकेत है। इसे केवल शोध पत्रों की संख्या या किसी एक उपलब्धि के आधार पर तय नहीं किया जाता, बल्कि इसके लिए निर्धारित मानकों और आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है।
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IIT पटना के लिए क्यों अहम है यह उपलब्धि?
IIT पटना के 10 संकाय सदस्यों का इस सूची में शामिल होना संस्थान की शोध गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। अलग-अलग विषयों के वैज्ञानिकों को मिली यह पहचान बताती है कि संस्थान में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में शोध कार्य किए जा रहे हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा के नेतृत्व में IIT पटना परिवार ने सूची में जगह बनाने वाले सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी है। संस्थान ने इसे शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से जुड़ी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।