इंदौर/किशनगंज
मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार सुबह हुए भीषण हादसे ने बिहार के एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिसमें एक ही परिवार के 6 लोगों समेत कुल 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद बिहार के किशनगंज में मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि सभी मृतक एक दिन पहले ही इंदौर पहुंचे थे और रिश्तेदार के घर ठहरे हुए थे। इलाज के सिलसिले में आए इस परिवार को क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
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सुबह 4 बजे भड़की आग, सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, तड़के करीब 4 बजे घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लग गई। कुछ ही देर में आग तीन मंजिला मकान तक फैल गई। घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक आग पहुंचते ही जोरदार धमाके होने लगे।
धमाका इतना भीषण था कि मकान का एक हिस्सा ढह गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अंदर सो रहे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में मरने वालों में बिहार के किशनगंज के एक ही परिवार के 6 लोग शामिल हैं, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर है। परिवार के अन्य सदस्य और ग्रामीण गहरे सदमे में हैं।
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मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), मनोज पुगलिया (65), सिमरन (30), राशि सेठिया (12), टीनू (35) और तनय (8) के रूप में हुई है। वहीं, सुनीता पुगलिया, सौरभ पुगलिया, सोमिल पुगलिया और हर्षित पुगलिया गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज अस्पताल में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि बचाव कार्य मुश्किल हो गया। यह हादसा एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
