द फॉलोअप,बिहार
बिहार के खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की प्रगति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लगभग 100 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना के लिए 574 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने परियोजना को राष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के अनुरूप विकसित करने के लिए विशेषज्ञ परामर्शदाता की सेवाएं लेने और मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सरकार का मानना है कि डुमरी स्पोर्ट्स सिटी भविष्य में खेल प्रशिक्षण, खेल उद्योग और अन्य सहायक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनेगी।

गांवों तक पहुंचेगी खेल संस्कृति
बैठक में अरवल, मधेपुरा और किशनगंज में जिला उत्कृष्टता केंद्रों का संचालन 15 जून से शुरू करने का निर्णय लिया गया। इन केंद्रों में कबड्डी, बैडमिंटन और ताइक्वांडो का आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि सिवान, मुंगेर और जमुई में फुटबॉल उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाएंगे। साथ ही पंचायत स्पोर्ट्स क्लबों को सक्रिय करने और राज्य की सभी पंचायतों में खेल मैदान विकसित करने की दिशा में भी तेजी लाने का फैसला लिया गया। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण और अर्द्धशहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना का विस्तार
बैठक में खिलाड़ियों को रोजगार से जोड़ने पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत लेवल-9 की सरकारी नौकरी का लाभ दिया जाए। इसके अलावा नवंबर 2026 में राजगीर में भारत-न्यूजीलैंड रग्बी सीरीज, दिसंबर में एफआईएच प्रो लीग और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि बिहार को देश के अग्रणी खेल राज्यों में स्थापित करने के लिए खेल अवसंरचना, प्रशिक्षण, रोजगार और शिक्षा को जोड़कर व्यापक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जा रहा है।