द फॉलोअप डेस्क
बिहार में मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार को सियासी सरगर्मी चरम पर दिखी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान द्वारा आयोजित दही-चूड़ा भोज में शामिल होने उनके प्रदेश कार्यालय पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री ने हाथ हिलाकर मीडिया और उपस्थित लोगों का अभिवादन किया। चिराग के इस भोज में एनडीए की एकजुटता साफ नजर आई, जहां बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय, मंत्री मंगल पांडे, दिलीप जायसवाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित गठबंधन के तमाम बड़े नेता भी शामिल हुए।.jpeg)
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री यहां करीब 5 मिनट रुके और लोगों का अभिवादन स्वीकार करने के बाद निकल गए। इस भोज में जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और मंत्री संजय कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान कांग्रेस विधायकों को निमंत्रण देने के सवाल पर चेतन आनंद ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि अगर सही तरीके से सम्मान देकर बुलाया जाए, तो कांग्रेस के सभी विधायक जदयू में शामिल हो सकते हैं।
वहीं, बीते दिन बुधवार को पारिवारिक दूरियों की चर्चाओं के बीच राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के आवास पर आयोजित भोज में शामिल होने पहुंचे थे। उनके साथ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, प्रभुनाथ यादव और चेतन आनंद भी दिखे थे। लालू यादव ने इस मौके पर साफ किया कि वे तेजप्रताप से नाराज नहीं हैं। इस दौरान तेजप्रताप आशीर्वाद देते हुए लालू ने कहा कि "बेटे को हमेशा मेरा आशीर्वाद रहेगा, वह तरक्की करे।" बिहार की इस संक्रांति में सियासी रिश्तों की गर्माहट और कड़वाहट दोनों साफ देखने को मिली।