द फॉलोअप डेस्क
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार के सोशल मीडिया पोस्ट से उत्पन्न विवाद के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार का शासन आगे भी नीतीश मॉडल पर ही चलेगा। दरअसल नीरज कुमार ने अपने पोस्ट में बेहतर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गृह मंत्री सम्राट चौधरी की प्रशंसा की थी। हालांकि, पोस्ट में सम्राट और योगी मॉडल का जिक्र विवाद का कारण बना। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने पोस्ट हटा दी और एक वीडियो जारी कर पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखा। वहीं इस मामले को लेकर हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा के संस्थापक सह केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार के बाद जो भी मुख्यमंत्री होंगे, उन्हें नीतीश के पदचिन्हों पर ही चलना होगा। अन्यथा, वे पद पर टिक नहीं पाएंगे। जदयू, हम और रालोमो नेताओं ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में किसी दूसरे राज्य का मॉडल लागू नहीं होगा और नीतीश मॉडल पूरी तरह से प्रभावी है।

बिहार सरकार में जदयू कोटे के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि 2005 के बाद राज्य का शासन नीतीश मॉडल पर ही चल रहा है और इसकी प्रशंसा देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी हो रही है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार या उनके मॉडल पर कोई प्रतिकूल टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। जदयू प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने कहा कि राज्य में किसी मंत्री का अलग मॉडल नहीं है। सम्राट चौधरी गृह मंत्रालय के तहत सुशासन लागू कर रहे हैं, और सभी मंत्री नीतीश मॉडल पर ही कार्य कर रहे हैं। यही वह मॉडल है, जिसकी प्रशंसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी करते हैं। आख़िरकार इस विवाद पर भाजपा प्रवक्ता नीरज कुमार ने बाद में स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में सुशासन का एक उदाहरण स्थापित किया है, जो कई राज्यों के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने सम्राट चौधरी को गृह मंत्रालय का जिम्मा देकर उन पर विश्वास जताया और कहा कि अपराधी राज्य छोड़कर बाहर भाग रहे हैं, जबकि हर तरह के माफिया पर कार्रवाई की जा रही है।
