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बिहार को मार्च तक मिलेंगे 7 नए STP, अप्रैल से शुरू होगा सीवेज ट्रीटमेंट; गंगा को मिलेगी गंदगी से मुक्ति

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द फॉलोअप डेस्क
बिहार में नदियों को साफ़ रखने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार अप्रैल महीने से शहरों के गंदे पानी का ट्रीटमेंट शुरू करने जा रही है। मार्च 2026 तक राज्य को 7 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट मिल जाएंगे, जो हाजीपुर, कहलगांव, डेहरी, बड़हिया, सुपौल, दाउदनगर और जमुई में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके शुरू होने के बाद प्रतिदिन करीब 90.6 मिलियन लीटर सीवेज का उपचार संभव हो सकेगा, जिससे गंगा और अन्य नदियों में गिरने वाले कचरे को रोका जा सकेगा।
वर्तमान में राज्य भर में कुल 13 STP यानि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनमें से अकेले पटना जिले में 10 प्लांट लगाए गए हैं। बेउर, करमलीचक और सैदपुर जैसे इलाकों के माध्यम से शहरी कचरे का उपचार कर उसे सुरक्षित तरीके से गंगा में छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, दीघा, कंकड़बाग और भागलपुर समेत 7 अन्य प्लांट अभी परीक्षण के दौर में हैं। दीघा प्लांट की क्षमता 25 एमएलडी और कंकड़बाग की 20 एमएलडी है, जो जल्द ही पूरी क्षमता के साथ काम करना शुरू कर देंगे।
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए BUIDCO ने मोतिहारी और रक्सौल में नए STP निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जिन्हें दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा लखीसराय, बक्सर, कटिहार, आरा और मुजफ्फरपुर में 5 और नए बड़े प्लांट बनाने की तैयारी है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं की कुल क्षमता 190 एमएलडी होगी, जिसमें सबसे बड़ा प्लांट कटिहार और बक्सर में बनेगा। इस पहल के बाद बिहार के प्रमुख शहरों की सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी।

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