द फॉलोअप डेस्क:
Bihar Toll Tax: बिहार (Bihar) में अब महत्वपूर्ण पुलों और स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूली की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने राजस्थान मॉडल के आधार पर 250 मीटर से अधिक लंबे 47 पुलों और 55 स्टेट हाईवे (एसएच) को चिह्नित किया है। इन मार्गों पर व्यावसायिक वाहनों (Commercial Vehicles) से टोल टैक्स (Toll Tax) वसूलने की व्यवस्था लागू करने की योजना है। इसके लिए कम लागत में टोल प्लाजा (Toll Plaza) बनाने, शुल्क वसूली और रखरखाव की व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जा रहा है।

राजस्थान पहुंची अधिकारियों की टीम, टोल व्यवस्था का किया अध्ययन
बिहार सरकार इस योजना को लागू करने से पहले राजस्थान में टोल वसूली के मॉडल का अध्ययन कर रही है। इसी सिलसिले में सितंबर 2026 के अंतिम सप्ताह में बिहार के अधिकारियों की एक टीम ने राजस्थान के संबंधित कार्यालयों का दौरा किया। इस टीम में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पथ निर्माण विभाग और बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को शामिल होने की अनुमति दी गई थी। टीम ने वहां कम लागत वाले टोल प्लाजा के निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन और टोल प्लाजा के संचालन व रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

फास्टैग से होगी वसूली, कैबिनेट ने दी 30.94 करोड़ रुपये की मंजूरी
योजना के तहत चयनित पुलों और स्टेट हाईवे पर टोल प्लाजा बनाए जाने और फास्टैग के जरिए इलेक्ट्रॉनिक टोल टैक्स वसूली की व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है। इससे टोल वसूली और निगरानी की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। इससे पहले 2 सितंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में टोल वसूली, निगरानी, शुल्क संरचना तैयार करने और संबंधित परामर्श सेवाओं के लिए 30 करोड़ 94 लाख 71 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। इस राशि के तहत टोल वसूली की व्यवस्था विकसित करने और परियोजनाओं के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सलाहकारों की मदद लेने का प्रावधान है।