द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) के सरकारी स्कूलों (Government School) में शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों के ड्रेस कोड को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। नए निर्देश के मुताबिक, राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारी अब औपचारिक कपड़ों में ही स्कूल आएंगे। वे स्कूल में जींस और टी-शर्ट पहनकर नहीं पहुंच सकेंगे। शिक्षा विभाग के नए अपर मुख्य सचिव आईएएस अधिकारी सीके अनिल ने शुक्रवार को इस संबंध में राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र जारी किया है। इसमें निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

सरकारी स्कूलों में AI का इस्तेमाल बढ़ेगा
शिक्षकों के ड्रेस कोड के साथ ही बिहार सरकार सरकारी स्कूलों में तकनीक के इस्तेमाल को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को विभिन्न AI टूल्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग का मानना है कि AI की मदद से सरकारी कामकाज को आसान बनाने, समय बचाने और कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भी इस संबंध में योजना तैयार करने का निर्देश दिया था।

10 हजार कर्मचारियों के तबादले की तैयारी
बिहार शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव की तैयारी है। विभाग के जिला और क्षेत्रीय कार्यालयों में पिछले 10 वर्षों से एक ही जगह पर तैनात कर्मचारियों का तबादला किया जा सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, इस प्रक्रिया के तहत करीब 10 हजार कर्मचारियों को दूसरी जगह भेजने की योजना है। इसके लिए राज्यस्तरीय कैडर बनाने पर विचार किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर मौजूदा नियमावली में भी बदलाव किया जा सकता है। गौरतलब है कि बिहार सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग का नया अपर मुख्य सचिव नियुक्त किया है। सीवान के जिलाधिकारी रहते हुए उनकी प्रशासनिक कार्यशैली काफी चर्चा में रही थी। अब शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड लागू करने, AI के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और कर्मचारियों के तबादले जैसे प्रस्तावों को लेकर विभाग की कार्यप्रणाली में बदलाव की तैयारी की जा रही है।