द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) में पंचायत चुनाव को लेकर फिलहाल तस्वीर साफ नहीं हुई है। चुनाव (Election) की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से पहले परिसीमन का काम कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने पटना (Patna) में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान स्पष्ट किया था कि परिसीमन पूरा होने के बाद ही पंचायत चुनाव कराए जाएंगे। ऐसे में चुनाव की तारीखों को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। पंचायत चुनाव के जरिए गांवों में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और जिला परिषद प्रतिनिधियों का चयन किया जाता है।

ईबीसी आरक्षण और मतदाता सूची पर फोकस
पंचायत चुनाव पहले नवंबर या दिसंबर 2026 में होने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन अब तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के आरक्षण से जुड़ा मुद्दा और परिसीमन की प्रक्रिया चुनाव में देरी की वजह बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही मतदाता सूची को अपडेट करने की तैयारी भी चल रही है। इस अभियान की शुरुआत मोतिहारी से किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत विभिन्न जिलों में शिविर लगाकर पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़ने की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया जाएगा।

मार्च-अप्रैल 2027 में चुनाव की संभावना, आधिकारिक घोषणा बाकी
यदि पंचायत चुनाव 2026 में नहीं हो पाता है, तो इसके मार्च या अप्रैल 2027 में आयोजित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। संभावित चुनाव को देखते हुए ग्रामीणों से मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करने की अपील की जा रही है। केवल मतदाता पहचान पत्र होना पर्याप्त नहीं है, मतदान के लिए मतदाता सूची में नाम शामिल होना भी जरूरी है। ऐसे में पात्र मतदाताओं को निर्वाचन कार्यालय या संबंधित स्थानीय अधिकारियों से संपर्क कर अपने नाम की स्थिति जांच लेनी चाहिए।