द फॉलोअप डेस्क
बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार चुनाव प्रक्रिया में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। State Election Commission Bihar की नई गाइडलाइन के अनुसार अब सरकारी स्कूलों में EVM रखने के लिए वेयर हाउस नहीं बनाए जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई बाधित न हो और शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहें। पहले कई जिलों में EVM का स्टोरेज स्कूलों में किया जाता था, लेकिन अब इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि EVM के लिए अलग वेयरहाउस बनाए जाएं। इसके लिए जरूरत पड़ने पर भवन लीज पर लिया जा सकता है, लीज अवधि कम से कम 15 साल की होगी और ऐसी जगह का चयन होगा जहां वाहनों की आवाजाही आसान हो।
.jpeg)
वेयर हाउस के चयन और निर्माण की जिम्मेदारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी को दी गई है, जिन्हें नोडल अधिकारी बनाया गया है। वहीं EVM की सुरक्षा को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। वेयरहाउस में CCTV कैमरे अनिवार्य होंगे, फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा, जिस कमरे में EVM रखी जाएगी, वहां कोई अन्य सामग्री नहीं होगी और खराब EVM को अलग रखने की व्यवस्था की जाएगी इस बार पंचायत चुनाव में Electronics Corporation of India Limited से खरीदी गई मल्टी पोस्ट EVM का उपयोग किया जाएगा।मल्टी पोस्ट EVM की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक ही समय में छह पदों के लिए वोटिंग कराई जा सकेगी। इससे चुनाव प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार बिहार में पंचायत चुनाव इस वर्ष नवंबर-दिसंबर के बीच कराए जा सकते हैं। चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं और अधिकारियों की नियुक्ति भी शुरू हो चुकी है।
.jpg)