द फॉलोअप डेस्क
समाज कल्याण विभाग के तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पेंशनधारकों के लिए Digital Life Certificate अनिवार्य किया गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक सिर्फ करीब 60.80% लोगों ने ही यह प्रक्रिया पूरी की है, जबकि लगभग 39.21% पेंशनधारक अभी भी इससे वंचित हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर शेष लाभार्थी 31 मार्च तक अपना Digital Life Certificate सत्यापन नहीं कराते हैं, तो अगले महीने से उनकी पेंशन रोक दी जाएगी। यानी एक छोटी सी लापरवाही सीधे तौर पर उनकी मासिक आय पर असर डाल सकती है। जिले के आंकड़े भी स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। यहां कुल 3,93,457 पेंशनधारक हैं, जिनमें से 2,39,192 लोगों ने अब तक प्रमाणीकरण कराया है। वहीं, 1,54,265 लोग अभी भी बाकी हैं, जो चिंता की बात है।जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे इस काम को टालें नहीं।
उन्होंने कहा कि समय पर Digital Life Certificate कराने से ही पेंशन बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आती रहेगी। उन्होंने खास तौर पर उन लोगों से आग्रह किया है, जिन्होंने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, कि वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर इसे पूरा करें। दरअसल, सामाजिक सुरक्षा निदेशालय के तहत केंद्र और राज्य सरकार की छह प्रमुख पेंशन योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और अन्य श्रेणियों के लाभार्थियों को हर महीने 1100 रुपये की सहायता राशि DBT के जरिए दी जाती है। 22 दिसंबर से CSC के माध्यम से यह Digital Life Certificate मुफ्त में किया जा रहा है, ताकि हर जरूरतमंद तक यह सुविधा आसानी से पहुंच सके। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अब पंचायत स्तर तक टीमें गठित कर दी हैं। इन टीमों को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर उन पेंशनधारकों का सत्यापन कराएं, जिनका काम अभी भी लंबित है। कुल मिलाकर, अब वक्त बहुत कम बचा है। अगर आप या आपके परिवार में कोई इस योजना का लाभ ले रहा है, तो बिना देर किए Digital Life Certificate का सत्यापन जरूर करा लें, ताकि पेंशन बिना रुके मिलती रहे।