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भोजपुर का लाल दानिश असम एयरफोर्स हादसे में शहीद, 30 मई को लौटे थे ड्यूटी पर; तिरंगे में लिपटकर आएगा पार्थिव शरीर

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भोजपुर/बिहार
असम के जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना के AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में जिले के कोईलवर प्रखंड के कायमनगर गांव निवासी अग्निवीरवायु दानिश आलम शहीद भी हो गए। इस हादसे में वायुसेना के कुल पांच जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। दानिश का पार्थिव शरीर अब तिरंगे में लिपटकर अपने गांव पहुंचेगा, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।

30 मई को लौटे थे ड्यूटी पर
22 वर्षीय दानिश आलम अपने माता-पिता मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। परिवार में उनकी दो बड़ी बहनें हैं। परिजनों के अनुसार दानिश का बचपन से ही सैनिक बनकर देश सेवा करने का सपना था। अग्निवीरवायु में चयन के बाद उन्होंने 29 जून 2025 को बिहटा एयर फोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। बाद में प्रशिक्षण के लिए कर्नाटक के बेलगांव भेजे गए थे। पिछले वर्ष अक्टूबर से उनकी तैनाती जोरहाट में थी। वह 23 मई को छुट्टी पर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौटे थे।

 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया शोक
दानिश आलम की शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव में मातम छा गया है। रिश्तेदारों और ग्रामीणों का उनके घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से गहरा शोक व्यक्त करते हुए सभी दिवंगत वायुयोद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को सदैव याद रखेगा। साथ ही उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं।

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