द फॉलोअप डेस्क:
अनंत सिंह (Anant Singh) ने दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dularchand Yadav Murder) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश का पालन करने की बात कही है। उन्होंने साफ किया कि वह 1 दिसंबर को सरेंडर करेंगे और राजनीति से संन्यास नहीं लेंगे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने नीरज कुमार पर कई आरोप लगाए। साथ ही कहा कि अब मोकामा (Mokama) से अगला विधानसभा चुनाव उनका बेटा नहीं, बल्कि वह खुद लड़ेंगे।

कोर्ट के आदेश पर बोले- न्यायालय पर पूरा भरोसा
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अनंत सिंह मीडिया के सामने आए और कहा कि वह अदालत के आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं एक दिसंबर को सरेंडर कर दूंगा। मुझे भरोसा है कि मुझे न्याय मिलेगा।' उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान जब दुलारचंद यादव के साथ विवाद हुआ, तब वह घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर थे। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मामले में फंसाया जा रहा है और इसके लिए उन्होंने नीरज कुमार को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि, ये उनके अपने दावे हैं, मामले में जांच अभी जारी है।

बेटे की जगह खुद लड़ेंगे मोकामा से अगला चुनाव
अनंत सिंह ने राजनीति से संन्यास लेने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा कि वह आगे भी मोकामा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके बेटे के चुनाव लड़ने की बात तय नहीं है और अगला चुनाव वह खुद लड़ सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने अपने बेटे को राजनीति में उतारने की इच्छा जताई थी। वहीं, जदयू और बिहार सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार की स्थिति पहले जैसी रहती तो पार्टी में ऐसी परिस्थितियां नहीं बनतीं। उन्होंने यह भी कहा कि नीरज कुमार का विरोध करने के लिए ही उन्होंने अनुज सिंह का समर्थन किया था। ललन सिंह से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी से नहीं मिलना है।

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड
दुलारचंद यादव की हत्या 30 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में हुई थी। उस समय अनंत सिंह जदयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे, जबकि दुलारचंद यादव जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान दोनों पक्षों के काफिले आमने-सामने आ गए थे। इसी दौरान हुई हिंसा में दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी। इस मामले में अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने चुनाव जीत लिया। इसके बाद मार्च 2026 में पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह जेल से बाहर आए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत रद्द करते हुए एक दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। साथ ही बिहार पुलिस को चार महीने के भीतर जांच पूरी करने को कहा है। अनंत सिंह के वकील कुमार हर्षवर्धन के मुताबिक, बेटी की शादी के कारण सरेंडर के लिए एक दिसंबर की तारीख तय की गई है। सरेंडर के बाद निचली अदालत में दोबारा जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी।