द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) के मोकामा (Mokama) में विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) की कानूनी मुश्किलों के बीच सियासी हलचल भी तेज हो गई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड (Dular Chand Yadav Murder) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने 30 अक्टूबर को उनकी जमानत रद्द करते हुए एक दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को भी कहा है। यह फैसला पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद अनंत सिंह एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं।

बेटे अभिषेक सिंह की पोस्ट ने खींचा ध्यान
अदालत के फैसले के बाद अनंत सिंह के बेटे अभिषेक सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की, जिसने मोकामा की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। पोस्ट के साथ न्याय के तराजू की तस्वीर भी लगाई गई है। इसमें उन्होंने लिखा, 'सत्ता के साथ रहिए तो सम्मान, सवाल उठाइए तो कानून का ज्ञान।' इस टिप्पणी को मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, अभिषेक सिंह ने अपनी पोस्ट में किसी नेता का नाम लेकर सीधे तौर पर निशाना नहीं साधा है। ऐसे में उनकी इस टिप्पणी के पीछे किसकी ओर इशारा है, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं।

JDU से निष्कासन के बाद भी सियासी हलचल
अनंत सिंह की मुश्किलों के बीच उनका जनता दल यूनाइटेड (JDU) से निष्कासन भी चर्चा में है। पार्टी ने हाल ही में अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। बताया गया कि विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ गतिविधियां इस कार्रवाई की वजह बनीं। निष्कासन के बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जताई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा था कि अगर पार्टी की कमान उनके हाथों में होती, तो शायद उन्हें निष्कासित नहीं किया जाता। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अभिषेक सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मोकामा की राजनीति में कानूनी कार्रवाई के साथ सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।