द फॉलोअप डेस्क
बिहार में पिछले 10 सालों से शराबबंदी कानून लागू है। इसी बीच बेगूसराय से खबर सामने आ रही है, कि सिसवा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय में शौचालय में रखी शराब पीने से एक बच्चे का स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद मामला सामने आया। जिसके बाद जांच के मुताबिक 12 कार्टून अंग्रेजी शराब बरामद किए गए। बछवारा थाना क्षेत्र के सिसवा गांव में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के शौचालय को ही शराब का गोदाम बना दिया गया था। आश्चर्य की बात यह है, कि एक छात्र जिसकी आयु 11 वर्ष शौचालय में रखी शराब को पेय पदार्थ समझकर पी लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। बच्चा घर लौटने के बाद अजीब-अजीब हरकतें करने लगा। परिजन हैरान हो गए और मामले को समझने की कोशिश करने लगे। लेकिन बाद में बच्चे के मुंह से गंध आने पर अशंका हुई। अन्य बच्चों से पूछताछ करने पर पता चला की उसने विद्यालय के शोचालय में रखी शराब को पेय पदार्थ समझ कर सेवन कर लिया।
जानकारी के मुताबिक, अभिभावक गुस्से में आ गए और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए करीब 25 पेटियां जब्त कीं, हालांकि कुछ मीडिया कर्मियों को कहना है की 12 पेटियां ही जब्त की गईं। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर स्कूल, जिसे विद्या का मंदिर मानते हैं, ऐसे स्थान तक तस्करों की पहुंच कैसे हुई? क्या इस मामले में किसी की मिलीभगत है या निगरानी पूरी तरह विफल हो चुकी है? घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी आक्रोश है कि जहां बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए, वहीं उनकी जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी कानून को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।