द फॉलोअप डेस्क:
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने बिहार के डीजीपी से पटना में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के साथ हुए समझौते का सम्मान करना चाहिए। नेहा ने कहा कि सरकार और युवा छात्र आंदोलनकारियों के बीच सहमति बनी थी और उसी के तहत आंदोलन में शामिल लोगों का उत्पीड़न बंद होना चाहिए। उन्होंने मांग रखी कि आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लिया जाना चाहिए और मुकदमें वापस लिए जाने चाहिए। इस दौरान कराकट से सीपीआई (एमएल) के विधायक अरुण, आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विधायक अजीत कुशवाहा, पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन और सीपीआई (एमएल) नेता परवेज भी मौजूद रहे।
Comrade Neha (@neha_aisa) met the Bihar DGP & demanded adherence to the Jantar Mantar Agreement by immediately ending all persecution & arrests of participants and withdrawing all cases filed against them.
— AISA (@aisa_official_) July 27, 2026
If not, then a mass movement against Bihar govt is awaited. pic.twitter.com/kGIIkDwhPH
बेउर जेल में प्रदर्शनकारियों से मिलीं नेहा
आज आईसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा ने बेऊर जेल जाकर हिरासत में लिए गये प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की। नेहा, जनशक्ति जनता दल के तेजप्रताप यादव से भी मिलीं। मुलाकात के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए अथवा बीजेपी शासित राज्यों में जंतर मंतर पर हुए समझौते का पालन नहीं किया जा रहा है। छात्रों को गिरफ्तार करके उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस पर नए मुकदमें दर्ज करने का भी आरोप लगाया। नेहा ने कहा कि सभी राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।

सीजेपी ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है
इसी बीच दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरव दास ने भी प्रेस कांफ्रेंस करके केंद्र सरकार पर समझौते की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया। सीजेपी ने कहा कि यदि मंगलवार तक छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमें वापस लेकर उन्हें रिहा नहीं किया जाता तो हम दोबारा आंदोलन करने को विवश होंगे। सीजेपी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि केंद्र सरकार के वरीय मंत्रियों की मौजूदगी में हुए लिखित समझौते का सम्मान किया जायेगा और इसका उल्लंघन नहीं होगा।