बिहार
पटना में हुए MBBS की परीक्षा में कथित तौर पर पेपर लीक और उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ होने का मामला सामने आया है। इस मामले में प्रशासनिक भवन में शुक्रवार को बैठक हुई और जांच कमिटी का गठन किया गया है। बैठक प्रभारी निदेशक सह डीन (अकादमिक) डॉ. ओम कुमार की अध्यक्षता में बैठक की गई। जांच के लिए पीएसएम के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय कुमार की अध्यक्षता में कमिटी गठित की गई है।

आरोप के एक महीने बाद कमिटी गठन
दरअसल अभ्यर्थियों का यह आरोप है कि MBBS और PG की अंतिम वर्ष की परीक्षा में धांधली हुई है। अभ्यर्थियों ने पेपरलीक का आरोप लगाते हुए 13 मार्च को ही ई-मेल के माध्यम से आयोग को जानकारी दी थी। लेकिन उनका आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद तो कमिटी गठित की गई है। कमिटी में तीन सद्स्य शामिल होंगे। प्रभारी निदेशक डॉ. ओम कुमार ने बताया कि कमिटी अगले सात कार्य दिवस में जांच समिति मामले की जांच करेगी।

प्राचार्य डॉ. रंजीत गुहा ने लगाए संस्थान के निदेशक पर गंभीर आरोप
हालांकि इस पर प्राचार्य डॉ. रंजीत गुहा ने संस्थान के निदेशक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों का यह मामला सीधे मुझसे जुड़ा हुआ है, लेकिन मुझे इस कमिटी से जानबूझकर बाहर रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक चार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन बैठक में मुझे एक भी बार नहीं बुलाया गया और न ही कोई सूचना दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों की कॉपी में तो आगे-पीछे के हस्ताक्षर तो समान है, लेकिन बीच वाले पन्ने पर किए गए हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे हैं। हालांकि इस तरह की घटना देशभर में होने वाले हर छोटे-बड़े परीक्षाओं में लगातार देखने को मिल रही है, जो शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।